
महंगाई से टूटी कमर, खाने से लेकर गैस-तेल सबके दाम आसमान पर... ट्रंप समर्थकों को न उगलते बन रहा-ना निगलते
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अमेरिका में ट्रंप की टैरिफ नीतियों से महंगाई और लिविंग कॉस्ट बढ़ने की शिकायतों के बावजूद उनके समर्थक मजबूती से उनके साथ खड़े हैं. समर्थकों का मानना है कि मौजूदा मुश्किलें अस्थायी हैं और ट्रंप के पास
अपने नेता के प्रति अटूट समर्थन और उसकी नीतियों को हर हाल में सही ठहराने की प्रवृत्ति सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया में लगभग एक जैसी ही दिखाई देती है. चाहे किसी नेता की नीतियों की वजह से आम लोगों की जेब पर सीधा असर क्यों न पड़ रहा हो, फिर भी समर्थकों का भरोसा डगमगाता नहीं.
अमेरिका में इस समय कुछ ऐसा ही माहौल देखने को मिल रहा है, जहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों के चलते महंगाई और लिविंग कॉस्ट बढ़ने की शिकायतें आम हैं, लेकिन इसके बावजूद उनके समर्थकों का जोश और समर्थन बरकरार है.
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अगर आप ट्रंप समर्थकों से बातचीत करें और उनसे यह जानने की कोशिश करें कि टैरिफ और आर्थिक नीतियों ने उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को कैसे प्रभावित किया है, तो अक्सर जवाब मिलेगा, "राष्ट्रपति के पास कोई जादू की छड़ी नहीं है." समर्थक यहीं नहीं रुकते, बल्कि वे इन नीतियों के संभावित फायदों की लंबी सूची भी गिनाते हैं.
कई समर्थकों का मानना है कि ट्रंप का टैरिफ और डी-रेगुलेटरी एजेंडा भले ही फिलहाल मुश्किलें पैदा कर रहा हो, लेकिन लंबे समय में यह रोजमर्रा के खर्चों को कम करेगा.
डेनवर के पास रहने वाले डेली, जो एक ह्यूमन रिसोर्स आउटसोर्सिंग फर्म में काम करते हैं, मानते हैं कि "टैरिफ को लेकर बार-बार बदलते फैसलों" से बाजार में अनिश्चितता बढ़ी है और कुछ चीजों की कीमतें ऊपर गई हैं.

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