
मर्डर-किडनैपिंग का केस दर्ज, क्या अब इस समझौते की वजह से शेख हसीना को भारत से वापस जाना पड़ेगा?
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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ दो केस दर्ज हो गए हैं. पहला केस मर्डर का है तो दूसरा किडनैपिंग का. इसके बाद अब बांग्लादेश में शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग भी उठने लगी है. ऐसे में जानते हैं कि क्या शेख हसीना का भारत में रहना अब मुश्किल हो जाएगा, क्योंकि दोनों देशों के बीच 11 साल पहले प्रत्यर्पण संधि हुई थी.
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ दो केस दर्ज हो गए हैं. पहला केस हत्या से जुड़ा है. जबकि, दूसरा मामला अपहरण से जुड़ा हुआ है. शेख हसीना के खिलाफ दो दिन में दो केस दर्ज हो गए हैं.
हत्या से जुड़े मामले में शेख हसीना के साथ-साथ उनकी पार्टी अवामी लीग के छह नेताओं को भी आरोपी बनाया गया है. 19 जुलाई को ढाका के मोहम्मदपुर इलाके में किराने की दुकान चलाने वाले अबु सईद की हत्या हो गई थी. उसकी हत्या छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई थी.
वहीं, अपहरण का मामला सुप्रीम कोर्ट के वकील सोहेल राणा ने दर्ज करवाया है. सोहेल राणा का आरोप है कि 10 फरवरी 2015 को उनका अपहरण किया गया था. अपहरण कर उन्हें टॉर्चर किया गया और अगस्त में छोड़ा गया.
एक के बाद एक केस दर्ज होने के बाद अब सिर्फ शेख हसीना ही नहीं, बल्कि भारत के लिए भी बड़ी मुश्किल पैदा हो गई है. पांच अगस्त को इस्तीफा देने के बाद से ही शेख हसीना भारत में हैं.
भारत के लिए मुश्किल क्यों?
शेख हसीना का लंबे समय तक भारत में रहना परेशानी खड़ी कर सकता है. दरअसल, भारत और बांग्लादेश के बीच प्रत्यर्पण संधि है. दोनों देशों के बीच जनवरी 2013 में प्रत्यर्पण संधि पर हस्ताक्षर हुए थे.

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