
मध्य प्रदेश: मधुमक्खियों से 25 बच्चों को बचाने के लिए अपनी जान गंवाने वाली कंचन बाई
BBC
मध्य प्रदेश के नीमच ज़िले में एक आंगनबाड़ी में बच्चों पर अचानक मधुमक्खियों ने हमला कर दिया. कंचन बाई अगर चाहतीं तो अपनी जान बचाने के लिए भाग जातीं लेकिन उन्होंने बच्चों की जान बचाने के लिए अपनी जान गंवा दी.
"अगर कंचन बाई ने हिम्मत नहीं दिखाई होती तो न जाने कितने बच्चे मर जाते."
मध्य प्रदेश के नीमच ज़िले के रानपुर गाँव में जिससे बात कीजिए वह यही कहते हुए कंचन बाई की बहादुरी और साहस की कहानी सुना रहा है.
दरअसल, ज़िला मुख्यालय से 26 किलोमीटर दूर बसे रानपुर का आंगनबाड़ी परिसर सोमवार दो फ़रवरी की दोपहर मधुमक्खियों के हमले की चपेट में आ गया.
जहाँ आमतौर पर बच्चों की हँसी और शरारतें सुनाई देती हैं, वहाँ अचानक चीख पुकार की आवाज़ आने लगी. इसी आंगनबाड़ी परिसर में दोपहर दो बजे से प्राथमिक स्कूल चलता है.
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ग्रामीण बताते हैं कि क़रीब साढ़े तीन बजे का समय था, जब आंगनबाड़ी के आसपास मौजूद बच्चों पर मधुमक्खियों का झुंड टूट पड़ा. उस वक़्त परिसर में क़रीब 20 से 25 बच्चे थे.













