
सोने और चांदी की क़ीमतों में उछाल के बाद अचानक भारी गिरावट का क्या कारण है?
BBC
सोने की क़ीमतें लगातार नए रिकॉर्ड बना रही थीं, लेकिन ईरान जंग के कारण सोने और चांदी दोनों की क़ीमतों में तेज़ गिरावट आई है.
ईरान के साथ अमेरिका और इसराइल की जंग के बीच, शेयर बाज़ार से लेकर कच्चे तेल, सोने-चांदी और रुपये तक हर चीज़ में भारी अस्थिरता देखी जा रही है.
पिछले एक महीने में 30 शेयरों वाला सेंसेक्स लगभग 10% गिर गया है, कच्चे तेल की क़ीमतें लगभग 60% बढ़ गई हैं और डॉलर के मुकाबले रुपया अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है.
पिछले कुछ दिनों में, ख़ासकर सोने और चांदी की क़ीमतों के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद, बाज़ार में भारी गिरावट आई है, जिससे निवेशक हैरान हैं.
'सुरक्षित निवेश' के रूप में जाना जाने वाला सोना, 28 फ़रवरी को अमेरिका और इसराइल के ईरान पर हमले शुरू करने के बाद तुरंत बढ़ गया था, लेकिन अब उसमें भारी गिरावट है.
अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच जंग के चौथे सप्ताह में प्रवेश करने के साथ ही, सोने और चांदी की क़ीमतों में भारी गिरावट आई है. सोने की क़ीमतों में पिछले 40 सालों में सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट दर्ज की गई है.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक़, जंग के बाद से सोने की क़ीमतों में 15% से अधिक की गिरावट आई है. 20 जनवरी को सोने की क़ीमत 5,591 डॉलर प्रति औंस के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी, जिसके बाद से इसमें लगभग 20% की गिरावट आई है.
इंडियन बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट के अनुसार, 24 मार्च को सोने की क़ीमत 10 ग्राम के लिए 1.39 लाख रुपये थी.













