
ईरान का शहज़ादा जिसकी ज़मीन पर बना है बिहार का सबसे बड़ा अस्पताल 'पीएमसीएच'
BBC
ईरानी शहजादे मिर्ज़ा मुराद शाह की मज़ार पटना के अशोक राजपथ स्थित पीएमसीएच के टाटा वार्ड के पास है. कई स्थानीय लोग उन्हें एक सूफ़ी की तरह पूजते हैं.
पटना के राजू साह सब्ज़ी बेचते हैं. राजू साह हफ़्ते में सोमवार और गुरुवार के दिन 'हज़रत साहब' के दरबार में अगरबत्ती जलाने जाते हैं.
बिहार के सबसे बड़े अस्पताल पीएमसीएच (पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल) में हज़रत साहब के मज़ार पर खड़े राजू के हाथ दुआ के लिए उठे हैं और रुमाल से ढँके हुए सिर के नीचे होंठ हिल रहे हैं.
क्या करने यहाँ आते हैं? मेरे यह पूछने पर वो आहिस्ता से कहते हैं, "बहुत फ़ायदा हुआ है हज़रत साहब से. इन्हीं की दुआ से सारा काम चलता है. परिवार में दिक़्क़त नहीं आती. यहाँ आने से बहुत आराम मिलता है."
राजू साह जिन हज़रत साहब के मज़ार पर सालों से आ रहे हैं, वह ईरान के एक शहज़ादे मिर्ज़ा मुराद शाह की मज़ार है.
यह मज़ार पटना के अशोक राजपथ स्थित पीएमसीएच के टाटा वार्ड के पास है. कई स्थानीय लोग मिर्ज़ा मुराद शाह को किसी सूफ़ी संत की तरह पूजते हैं.
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आज यह बात आश्चर्यजनक लगती है कि ईरान के शहज़ादे मिर्ज़ा मुराद आख़िर पटना में क्या कर रहे थे और उन्होंने अपने आख़िरी वक़्त के लिए गंगा किनारे बसे इस शहर पटना को ही क्यों चुना?













