
यूक्रेन के छह नागरिकों को हिरासत में लेने का क्या है मामला, यूक्रेन के आरोपों पर भारत ने क्या कहा?
BBC
यूक्रेन के इन नागरिकों पर बगैर परमिट के मिजोरम में घुसने का आरोप है. लेकिन यूक्रेन का कहना है कि इन लोगों को रूसी पक्ष की सूचना के आधार पर पकड़ा गया है.
यूक्रेन ने अपने छह नागरिकों को भारत में हिरासत में लिए जाने पर विरोध जताया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ इन लोगों पर बगैर अनुमति के मिज़ोरम में प्रवेश करने और गैरक़ानूनी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है.
यूक्रेन के दूतावास ने इस मामले पर एक्स पर जारी प्रेस रिलीज में कहा है कि इन लोगों को हिरासत में लिए जाने की कार्यवाही 'रूसी पक्ष की ओर से दी गई सूचना के आधार पर हुई है.'
गुरुवार को भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी इस पर टिप्पणी की है.
रणधीर जायसवाल ने कहा, "उन इलाकों में जाने के लिए परमिट लेना जरूरी होता है. उनके ( यूक्रेनी नागरिकों) पास यह विशेष अनुमति थी या नहीं, इसका फ़ैसला अब अदालत करेगी. अदालत में ये मामला पेश किया जाएगा तभी सच्चाई सामने आएगी."
रणधीर जायसवाल ने कहा, "मैं ये कहूंगा कि अगर इस मामले में एनआईए अगर कोई बयान जारी करे तो आप उसे देखें. मैं अभी इसके तकनीकी ब्योरे में नहीं गया हूं, लेकिन मेरी समझ है कि उस इलाके में यात्रा करने के लिए उनके पास कुछ जरूरी दस्तावेज नहीं थे.''
यूक्रेन के दूतावास ने अपनी प्रेस रिलीज में कहा है कि यूक्रेन किसी भी 'आतंकवादी गतिविधि' में शामिल होने के लिए दिए जाने वाले बढ़ावे को ख़ारिज करता है. यूक्रेन हर दिन रूस के 'आतंक' का नतीज़ा भुगत रहा है. यही वजह है कि सैद्धांतिक तौर पर वो हर तरह के 'आतंकवाद' के खिलाफ़ बिना किसी समझौते के लड़ने का पक्षधर है.













