
आईटी कंपनियों के शेयरों की पिटाई, क्या एआई से बच पाएंगी सॉफ्टवेयर कंपनियां?
BBC
देश की दस सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनियों को ट्रैक करने वाला निफ्टी आईटी इंडेक्स इस साल लगभग 20 फ़ीसदी गिर चुका है, जिससे निवेशकों को करोड़ों रुपये की चपत लगी है.
भारत के टेक्नोलॉजी (आईटी) कंपनियों के शेयरों में पिछले कुछ हफ्तों में भारी गिरावट देखने को मिली है.
इसकी वजह है ये आशंका कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई, उस पारंपरिक आउटसोर्सिंग मॉडल को उलट सकती है, जिस पर देश की 300 अरब डॉलर (करीब साढ़े 27 हज़ार अरब रुपये) की बैक-ऑफिस इंडस्ट्री टिकी हुई है.
आईटी शेयरों में यह बिकवाली हाल की भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं से पैदा हुई शेयर बाजार की घबराहट से पहले ही शुरू हो गई थी, और भारत के लिए यह खास तौर पर अहमियत रखती है.
पिछले करीब साढ़े तीन दशकों में भारत के सॉफ्टवेयर उद्योग ने लाखों व्हाइट-कॉलर नौकरियां पैदा की हैं.
इससे एक नया मध्यम वर्ग उभरा, जिसकी महत्वाकांक्षाएं ऊंची हैं और जिसकी खरीदने की क्षमता मजबूत है.
इसी वर्ग ने पिछले 30 वर्षों में बेंगलुरु, हैदराबाद और गुरुग्राम जैसे बड़े शहरों में फ्लैट, कार और रेस्टोरेंट की मांग को बढ़ावा दिया.













