
भारत में कोरोना से बढ़ सकती है तबाही, पूरी दुनिया के लिए खतरे की घंटी: UNICEF
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भारत की कोरोना की विकट स्थिति को लेकर पूरी दुनिया चिंतित हो रही है. यूनाइडेट नेशनल चिलड्रेंस फंड की प्रमुख ने कहा है कि भारत में कोरोना की त्रासदी हम सबके लिए खतरे की घंटी है. यूनिसेफ ने कहा कि कोरोना से होने वाली मौतों का असर इस क्षेत्र और पूरी दुनिया पर पड़ेगा.
भारत की कोरोना की विकट स्थिति को लेकर पूरी दुनिया चिंतित हो रही है. यूनाइडेट नेशनल चिलड्रेंस फंड (UNICEF) की प्रमुख ने कहा है कि भारत में कोरोना की त्रासदी हम सबके लिए खतरे की घंटी है. यूनिसेफ ने कहा कि कोरोना से होने वाली मौतों का असर इस क्षेत्र और पूरी दुनिया पर पड़ेगा. जब तक दुनिया भारत की मदद में सामने नहीं आती है तब तक वायरस के म्यूटेशन पैदा होते रहेंगे और सप्लाई चेन भी प्रभावित होगी. (फोटो-PTI) यूनिसेफ ने भारत को जीवनरक्षक दवाइयां भेजी है जिनमें 20 लाख फेसशील्ड और 2 लाख सर्जिक मास्क शामिल हैं. यूनिसेफ की कार्यकारी निदेशक हेनरीटा एच. फोर ने कहा कि भारत की कोरोना त्रासदी हम सभी के लिए घतरे की घंटी है. उन्होंने पूरी दुनिया से भारत की मदद करने का आह्वान किया और कहा कि जब तक भारत की मदद नहीं की जाती है, कोरोना का खतरा सबके लिए बना रहेगा. The tragic situation in India should raise alarm bells for all of us. Unless the world steps up & helps India now, there will be reverberations across the region and the world. The support of @DP_World & all our other partners has never been more critical. https://t.co/Z2na2rjChj
संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद जायेद अल नहयान के भारत दौरे ने पाकिस्तान में फिर से पुरानी डिबेट छेड़ दी है. पाकिस्तान के विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तानी नेतृत्व की वजह से हमें भारत की तुलना में हमेशा कमतर आंका जाता है. पाकिस्तान में इस दौरे को मिडिल ईस्ट मे पैदा हुए हालात और सऊदी अरब -पाकिस्तान के संबंधों के बरक्श देखा जा रहा है.

यूरोप में कुछ बेहद तेजी से दरक रहा है. ये यूरोपीय संघ और अमेरिका का रिश्ता है, जिसकी मिसालें दी जाती थीं. छोटा‑मोटा झगड़ा पहले से था, लेकिन ग्रीनलैंड ने इसे बड़ा कर दिया. डोनाल्ड ट्रंप लगातार दोहरा रहे हैं कि उन्हें हर हाल में ग्रीनलैंड चाहिए. यूरोप अड़ा हुआ है कि अमेरिका ही विस्तारवादी हो जाए तो किसकी मिसालें दी जाएंगी.

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दुनिया में तीसरे विश्व युद्ध जैसी स्थिति बनने की आशंका बढ़ रही है. अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय नीतियां विवादों में हैं, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों की तुलना हिटलर की तानाशाही से की जा रही है. वेनेज़ुएला पर हमला करने और ग्रीनलैंड पर कब्ज़ा करने की धमकी के बाद अमेरिका ने यूरोप के आठ NATO देशों पर टैरिफ लगाया है.







