
भारत ने बाइडेन को लेकर जो कहा, अमेरिका ने नहीं किया जिक्र, सवाल उठने पर मोदी सरकार ने दिया ये जवाब
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भारतीय विदेश मंत्रालय ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में बांग्लादेश को लेकर कई सवालों के जवाब दिए हैं. भारत में रह रहीं शेख हसीना को लेकर भी मंत्रालय ने टिप्पणी की है. बांग्लादेश में बाढ़ और उसे लेकर बनाए जा रहे झूठे नैरेटिव पर भी विदेश मंत्रालय ने कड़ी टिप्पणी की है.
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना पिछले 5 अगस्त से भारत में मौजूद हैं. बांग्लादेश से भागकर आईं शेख हसीना को लेकर बार-बार ये सवाल उठ रहे हैं कि वो भारत में कब तक रहेंगी और भारत के बाद वो किस देश में आश्रय लेंगी. इन सारे सवालों का भारत सरकार ने जवाब दिया है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह सवाल उठाए जाने पर कहा, 'जैसा कि हमने पहले कहा, बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री सुरक्षा कारणों से बहुत कम समय के नोटिस पर भारत आईं. इस मामले में हमारे पास कहने के लिए और कुछ नहीं है.'
पीएम मोदी और राष्ट्रपति बाइडेन की बातचीत में बांग्लादेश मुद्दा था या नहीं?
पीएम मोदी के यूक्रेन दौरे के बाद 26 अगस्त को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने उन्हें फोन किया था जिसमें रूस-यूक्रेन युद्ध और बांग्लादेश की बात हुई.
इस बातचीत के बाद दोनों देशों ने बयान जारी किया. भारत की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति बाइडेन ने बांग्लादेश की स्थिति पर चिंता जताई. लेकिन अमेरिका की तरफ से जारी बयान में बांग्लादेश का कहीं भी जिक्र नहीं था.
इसे लेकर जब विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि दो देशों के नेताओं के बीच बातचीत के बाद जारी होने वाला बयान संयुक्त बयान की तरह नहीं होता जहां हर शब्द मैच करता है और हर पक्ष परस्पर सहमत होता है. उन्होंने कहा कि ऐसे प्रेस रिलीज में बातचीत की हर बात नहीं होती और दो पक्षों के लिए अपने संबंधित रीडआउट में एक ही बातचीत के अलग पहलू पर जोर देना असामान्य नहीं है.

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