
'भारत गाड़ियों का निर्यातक और हम खराब क्वालिटी...', पाकिस्तानी अधिकारी ने अपनी कार कंपनियों को लताड़ा
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पाकिस्तान की कार बनाने वाली कंपनियां अधिकांश वैश्विक सुरक्षा मानकों को फॉलो नहीं कर रही हैं. इस कारण पाकिस्तान में कार एक्सीडेंट बढ़ते जा रहे हैं. पाकिस्तान की खराब क्वालिटी की गाड़ियां विदेशों में बेचने लायक भी नहीं हैं.
पाकिस्तान हर क्षेत्र में कितना पिछड़ा हुआ है, यह किसी से छिपा नहीं है. उसने खुद स्वीकार किया है कि उसकी कार बनाने वाली कंपनियां वैश्विक सुरक्षा मानकों में से अधिकांश को फॉलो नहीं करती हैं. इंडस्ट्री और प्रोडक्शन पर पाकिस्तानी संसद की स्टैंडिंग कमिटी की बैठक में कहा गया कि पाकिस्तान की कार निर्माता कंपनियां 200 वैश्विक सुरक्षा मानकों में से केवल 18 को फॉलो करती हैं, बाकी 182 मानकों की पूरी तरह से अनदेखी की जाती है. कमिटी के अध्यक्ष ने तो अपने कार निर्माताओं की आलोचना करते हुए भारत की तारीफ भी की है.
पाकिस्तान के स्थानीय अखबार जियो टीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, स्टैंडिंग कमिटी ने पाकिस्तान में बन रही असुरक्षित गाड़ियों पर चिंता जाहिर की. उन्होंने मांग की कि जो कंपनियां वैश्विक सुरक्षा मानकों को इग्नोर कर रही हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है.
बैठक के दौरान पाकिस्तानी अधिकारियों ने पाकिस्तान में बढ़ रहे कार एक्सीडेंट पर चिंता जताई. अधिकारियों ने कहा कि कार निर्माता सुरक्षा मानकों का बड़े पैमाने पर उल्लंघन कर रहे हैं और ऐसा भी नहीं है कि उनके कार की कीमत कम है बल्कि वो अंतरराष्ट्रीय स्तर से ज्यादा कीमत पर ही कार बेच रहे हैं.
कमिटी के अध्यक्ष ने पाकिस्तान की कार कंपनियों को दिया भारत का उदाहरण
कमिटी के अध्यक्ष सैय्यद हफीजुद्दीन ने कहा कि पाकिस्तान में बड़े ट्रैफिक एक्सीडेंट्स हो रहे हैं और गाड़ी बनाने वाली कंपनियों की जिम्मेदारी है कि वो सुरक्षा मानकों को लागू करें.
उन्होंने भारत का नाम लेते हुए आगे कहा, 'सुरक्षा मानकों में कमी और गाड़ियों की गुणवत्ता खराब होने के चलते, हम गाड़ी निर्यात नहीं कर पा रहे हैं. जबकि, अगर आप हमारे पड़ोसी भारत और चीन को देखें तो ये देश गाड़ियों को बड़े निर्यातक बन गए हैं.'

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