
भारत को ना दिखाता अकड़ तो पाकिस्तान की ना होती ऐसी दुर्दशा! सस्ते में मिल जातीं ये चीजें
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पाकिस्तान भारत से अपने खराब रिश्तों की कीमत चुका रहा है. वो दूर देशों से जरूरी सामानों का आयात कर रहा है जबकि भारत से वो सामान उसे कम कीमत पर ही मिल जाता. पाकिस्तान को इसका शिपिंग चार्ज भी ज्यादा नहीं देना पड़ता क्योंकि दोनों देशों के बीच व्यापार अधिकतर सड़क मार्ग से ट्रकों द्वारा ही होता है.
पाकिस्तान ने मोदी सरकार के जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म करने के फैसले के विरोध में भारत के साथ व्यापारिक रिश्ते खत्म कर लिए थे. लेकिन अब भारत को अकड़ दिखाना पाकिस्तान को बहुत महंगा पड़ रहा है.
पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार की हालत बेहद खराब है और उसके पास तीन हफ्ते के आयात के लिए ही पैसा बचा है. लेकिन उसे गेहूं और चीनी जैसी चीजों पर अपने खजाने को लुटाना पड़ रहा है.
गेहूं, चीनी, घी आदि जरूरी चीजों की भारी किल्लत से जूझता पाकिस्तान भारी खर्च कर रूस, यूएई, मिस्र, ब्राजील, सिंगापुर आदि देशों से आयात कर रहा है. लेकिन अगर पाकिस्तान ने भारत के साथ अपने रिश्ते ठीक रखे होते तो इस आयात खर्च में भारी कमी आती. दूर देशों से आयात करने में पाकिस्तान का शिपिंग चार्ज काफी बढ़ गया है और डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपये के अवमूल्यन ने इस संकट को और गहरा कर दिया है. भारत कई देशों को जिस दर पर गेहूं बेच रहा है, पाकिस्तान को दूसरे देशों से गेहूं खरीद के लिए उससे कहीं अधिक पैसे देने पड़ रहे हैं.
अपनी झूठी अकड़ के लिए खुद का ही नुकसान कर रहा पाकिस्तान
पाकिस्तान की सरकार गेहूं की किल्लत को पूरा करने के लिए कुल 75 लाख टन गेहूं का आयात कर रही है. पाकिस्तान रूस से सबसे अधिक गेहूं खरीद रहा है. सोमवार को ही रूस से गेहूं की एक बड़ी खेप कराची बंदरगाह पर पहुंची है. आने वाले दिनों में 4 लाख 50 हजार टन गेहूं रूस से पाकिस्तान पहुंचने वाला है.
पाकिस्तान सांख्यिकी ब्यूरो (पीबीएस) के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2021 में पाकिस्तान ने 31 लाख टन से अधिक गेहूं का आयात किया था जिसके लिए उसने 98.3 करोड़ डॉलर का भुगतान किया था. वित्त वर्ष 2022 में 22 लाख टन से ज्यादा का गेहूं आयात किया गया था जिसके लिए पाकिस्तान को 79.5 करोड़ रुपये देना पड़ा था. वहीं वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही में पाकिस्तान 856,813 टन अनाज आयात कर रहा है जिसके लिए उसने 40.8 करोड़ रुपये का भुगतान किया है.

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