
भारत और मलेशिया के नज़दीक आने का पाकिस्तान पर क्या असर होगा?
BBC
महातिर मोहम्मद के दौर में मलेशिया से भारत के संबंध इतने अच्छे नहीं थे. पीएम मोदी की ताज़ा यात्रा के बाद दोनों देशों ने 'सीमा पार आतंकवाद' की निंदा की है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7-8 फरवरी को मलेशिया की यात्रा पर थे. इस साल प्रधानमंत्री की यह पहली विदेश यात्रा थी. प्रधानमंत्री को एयरपोर्ट पर रिसीव करने के लिए मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम खुद पहुंचे थे.
यह दौरा इसलिए अहम हो जाता है. क्योंकि पिछले साल अक्तूबर 2025 में क्वालालमपुर में हुए आसियान शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिस्सा नहीं लिया था क्योंकि पहलगाम हमले के बाद 2025 में दोनों देशों के बीच रिश्तों में गर्माहट कम हो गई थी.
हालांकि मलेशिया ने पहलगाम हमले की निंदा की थी. लेकिन मलेशिया के प्रधानमंत्री ने भारत पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने के लिए बातचीत में मध्यस्थता करने की पेशकश की थी. इस वजह से भारत नाराज़ था.
भारत और मलेशिया के बीच प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान तकरीबन 11 समझौते और एमओयू हुए हैं. दोनों देशों के संयुक्त बयान में सीमा पार से आतंकवाद का ज़िक्र होना भारत के लिहाज़ से अहम माना जा रहा है.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनवर इब्राहिम के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद कहा, "दोनों देशों ने साफ़ किया है कि आतंकवाद पर कोई दोहरी नीति नहीं रहेगी न ही आतंकवाद से कोई समझौता होगा."













