
ब्रिटेन की संसद में भारतीयों के लिए लाया गया अहम प्रस्ताव
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ब्रिटेन में भारतीयों के खिलाफ नस्लवादी घटनाओं को लेकर संसद में एक प्रस्ताव पेश किया गया है. ब्रिटेन में एक अध्ययन में भारतीय मूल के नागरिकों के खिलाफ नस्लवाद की बात सामने आई है जिसके बाद 22 जून 2021 को संसद में एक प्रस्ताव पेश किया गया.
ब्रिटेन में भारतीयों के खिलाफ नस्लवादी घटनाओं को लेकर संसद में एक प्रस्ताव पेश किया गया है. ब्रिटेन में एक अध्ययन में भारतीय मूल के नागिरकों के खिलाफ नस्लवाद की बात सामने आई है जिसके बाद 22 जून 2021 को संसद में एक प्रस्ताव पेश किया गया. (फाइल फोटो-AP) ब्रिटिश भारतीयों का प्रतिनिधित्व करने के लिए स्थापित संस्थान 'द 1928 इंस्टीट्यूट' ने हाल ही में एक रिपोर्ट जारी की. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्रिटेन में बड़ी तेजी से भारतीयों के खिलाफ नस्लवाद की भावना उभर रही है. 'ब्रिटिश भारतीय पहचान, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और नीतिगत प्राथमिकताएं' के नाम से जारी रिपोर्ट में दावा किया गया कि 80 फीसदी ब्रिटिश भारतीयों को अपनी मूल पहचान के चलते पूर्वाग्रह का सामना करना पड़ता है. हिंदू फोबिया के सबसे अधिक मामले देखने को मिले. (फाइल फोटो-AP) New report from @1928institute discusses decolonising #identity 👤, political disconnect 🗳️, and policy priorities 📊 for British Indians by @NEUROSEC_Ox’s @Kiran_k_m @DPAGAthenaSwan’s @Nikkived @LinacreCollege @UniofOxford Read the full report here —> https://t.co/7XOoBV2jXf pic.twitter.com/XHkfBUCAkP
'PM मोदी की बहुत इज्जत करता हूं, जल्द अच्छी ट्रेड डील होगी', टैरिफ धमकियों के बीच ट्रंप का बड़ा बयान
ट्रंप ने मीडिया संग बातचीत में भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कहा कि आपके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर मेरे मन में बहुत सम्मान है. वह बेहतरीन शख्स है और मेरे दोस्त हैं. हमारे बीच बेहतरीन ट्रेड डील होने जा रही है.

ट्रंप ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे यूरोप से प्यार है लेकिन वह सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है. दुनिया हमें फॉलो कर बर्बादी के रास्ते से बच सकती है. मैंने कई मुल्कों को बर्बाद होते देखा है. यूरोप में मास माइग्रेशन हो रहा है. अभी वो समझ नहीं रहे हैं कि इसके क्या-क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं. यूरोपीयन यूनियन को मेरी सरकार से सीखना चाहिए.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस में ग्रीनलैंड को लेकर बड़ा प्रस्ताव रखा है. उन्होंने साफ कहा है कि अगर ग्रीनलैंड अमेरिका को नहीं दिया गया तो वे यूरोप के आठ बड़े देशों पर टैरिफ लगाएं जाएंगे. इस स्थिति ने यूरोप और डेनमार्क को ट्रंप के खिलाफ खड़ा कर दिया है. यूरोप और डेनमार्क ने स्पष्ट कर दिया है कि वे ट्रंप के इस ब्लैकमेल को बर्दाश्त नहीं करेंगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विमान को एक तकनीकी खराबी की वजह से वापस वाशिंगटन लौट आया. विमान को ज्वाइंट बेस एंड्रयूज में सुरक्षित उतारा गया. ट्रंप के एयर फोर्स वन विमान में तकनीकि खराबी की वजह से ऐसा करना पड़ा. विमान के चालक दल ने उड़ान भरने के तुरंत बाद उसमें एक मामूली बिजली खराबी की पहचान की थी. राष्ट्रपति ट्रंप वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की बैठक में शिरकत करने के लिए स्विट्ज़रलैंड के दावोस जा रहे थे.

ग्रीनलैंड में आजादी की मांग दशकों से चल रही है. फिलहाल यह द्वीप देश डेनमार्क के अधीन अर्ध स्वायत्त तरीके से काम करता है. मतलब घरेलू मामलों को ग्रीनलैंडर्स देखते हैं, लेकिन फॉरेन पॉलिसी और रक्षा विभाग डेनमार्क सरकार के पास हैं. अब कयास लग रहे हैं कि डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद के बीच वहां अलगाववाद को और हवा मिलेगी.

स्विटजरलैंड के दावोस में चल रहे WEF की बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने ट्रंप को बताया कि अमेरिका जैसी शक्ति को क्यों कानून आधारित वर्ल्ड ऑर्डर का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में बहुपक्षवाद के बिखरने का डर सता रहा है. मैक्रों ने कहा कि दुनिया में जोर जबरदस्ती के बजाय सम्मान और नियम-आधारित व्यवस्था को प्राथमिकता देने की जरूरत है.

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