
ब्राज़ील: भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद कोवैक्सीन के लिए भारत बायोटेक के साथ हुआ क़रार रद्द
The Wire
ब्राज़ील के एक विपक्षी सीनेटर ने राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के ख़िलाफ़ भारत बायोटेक के कोविड-19 वैक्सीन सौदे में उनकी भूमिका के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक औपचारिक आपराधिक शिकायत दर्ज करवाई है.
रियो डि जनेरियो/हैदराबाद: भारत बायोटेक के कोविड-19 टीके कोवैक्सीन की दो करोड़ खुराकें खरीदने पर सहमत हुई ब्राजील की सरकार ने समझौते में अनियमितताओं के आरोप लगने के बाद करार को निलंबित करने की बुधवार को घोषणा की. दरअसल, ब्राजील के संघीय अभियोजकों ने भारत बायोटेक के टीके की दो करोड़ खुराक के लिए 1.6 अरब रियास (32 करोड़ डॉलर) के अनुबंध की जांच शुरू कर दी है. ब्राजील के स्वास्थ्य मंत्री मार्सेलो क्विरोगा ने ट्वीट किया, ‘सीजीयूऑनलाइन की अनुशंसा पर हमने कोवैक्सीन करार को अस्थायी रूप से निलंबित करने का फैसला किया है.’ उन्होंने कहा, ‘सीजीयू के प्रारंभिक विश्लेषण के मुताबिक, करार में कोई अनियमितता नहीं हैं लेकिन अनुपालन के कारण, मंत्रालय ने और विश्लेषण के लिए करार को रोकने का फैसला किया है.’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीयर स्टारमर ईरान के साथ युद्ध को लेकर अलग-अलग रुख पर खड़े दिखाई दे रहे हैं. ब्रिटिश टैब्लॉयड द सन को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका-ब्रिटेन सबसे मजबूत रिश्तों में से एक था. यह देखकर दुख होता है कि यह रिश्ता अब पहले जैसा नहीं रहा.

अमेरिका और इज़रायल के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की हत्या की भारत के विपक्षी दलों ने कड़ी निंदा की है. विपक्ष ने केंद्र सरकार की विदेश नीति की भी आलोचना करते हुए कहा कि लंबे समय से ‘मित्र’ रहे ईरान पर थोपे गए युद्ध को लेकर सरकार की प्रतिक्रिया भारत के मूल्यों, सिद्धांतों और हितों के साथ ‘विश्वासघात’ है.





