
बिहार में नंबर 1 को लेकर सियासत शुरू, RJD ने खुद को बताया फर्स्ट तो BJP बोली-अपने मियां मिट्ठू बन रही राजद
Zee News
विधानसभा चुनाव 2020 में तीसरे नंबर पर जाने की कसक जेडीयू को लगातार परेशान कर रही है. यही वजह है कि पार्टी ने एक बार फिर खुद को नंबर वन बनाने का संकल्प लिया है.
Patna: बिहार (Bihar) में एक बार फिर नंबर वन को लेकर राजनीति शुरू हो चुकी है. JDU ने नंबर वन पार्टी बनने को लेकर कवायद शुरू कर दी है.जिसके बाद लिए पार्टी ने अपने नए संगठन का विस्तार कर दिया है. JDU प्रदेश अध्यक्ष अपने नए संगठन के जरिये ही नंबर वन का तमगा हासिल करने की तैयारी कर रहे हैं. JDU की नंबर वन मुहीम पर आरजेडी और कांग्रेस ने तंज कसा है. 'JDU बनेगी नंबर वन' दरअसल, विधानसभा चुनाव 2020 में तीसरे नंबर पर जाने की कसक जेडीयू को लगातार परेशान कर रही है. यही वजह है कि पार्टी ने एक बार फिर खुद को नंबर वन बनाने का संकल्प लिया है. पार्टी ने इसके लिए नया संगठन भी तैयार किया है. संगठन में 33 फीसदी महिलाओं को जगह दी गयी है. जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा (Umesh Singh Kushwaha) का दावा है कि पार्टी अपने संगठन की बदौलत नंबर वन की पोजिशन हासिल करेगा. जेडीयू प्रवक्ता अभिषेक झा की मानें, तो हर दल की इच्छा होती है कि वो नंबर वन बनें. जनता ने हमेशा नीतीश कुमार (Nitish Kumar) पर भरोसा जताया है.
Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

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