
बिहार कांग्रेस की बड़ी कार्रवाई, पार्टी के खिलाफ जाने पर 2 नेताओं को 6 साल के लिए निकाला
ABP News
Bihar Congress: पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता बढ़ने के चलते अनुशासन समिति ने यह फैसला लिया है. पार्टी से बाहर किए जाने वालों में पूर्व विधायक छत्रपति यादव और प्रवक्ता आनंद माधव हैं.
बिहार कांग्रेस से जुड़े दो दिग्गज नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया है. कांग्रेस पार्टी के मूल सिद्धांतों, अनुशासन और संगठनात्मक मर्यादा के खिलाफ लगातार बयानबाजी और अवांछित एवं भ्रामक बयान जारी करने के आरोप में प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति ने यह कदम उठाया है. पार्टी से छह साल के लिए निकाले जाने वालों में पूर्व विधायक छत्रपति यादव और रिसर्च विभाग के पूर्व चेयरमैन व पूर्व प्रवक्ता आनंद माधव शामिल हैं. बुधवार (18 फरवरी, 2026) को यह जानकारी प्रदेश कांग्रेस के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने दी है.
अनुशासन समिति के अध्यक्ष कपिलदेव प्रसाद यादव द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि आनंद माधव (पूर्व चेयरमैन रिसर्च विभाग) एवं छत्रपति यादव (पूर्व विधायक) का पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता बढ़ती जा रही है. अतः विषय की गंभीरता को देखते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के बिहार प्रभारी एवं प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष से विमर्श के बाद इन दोनों को पार्टी की सदस्यता से छह वर्षों के लिए निष्कासित किया जाता है.
बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव (2025) के दौरान प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरु सहित अन्य नेताओं पर टिकट बेचने का आरोप लगाया गया था. आनंद माधव के नेतृत्व में कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय सदाकत आश्रम में प्रदर्शन किया गया था. अब पार्टी के बागी नेताओं पर ऐक्शन शुरू हो गया है.
कार्रवाई के तुरंत बाद इन दोनों नेताओं ने पलटवार किया है. फैसले की वैधता पर सवाल खड़ा किया है. इनका कहना है कि जिस अनुशासन समिति का गठन ही पार्टी संविधान के अनुरूप नहीं हुआ, उसे एआइसीसी सदस्य को निष्कासित करने का अधिकार कैसे मिल सकता है?













