
बाटला हाउस एनकाउंटर में शामिल आतंकी की मौत, मोहन शर्मा पर चलाई थी गोली
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बाटला हाउस एनकाउंटर केस में दोषी आतंकी शहजाद की मौत हो गई है. वो तिहाड़ जेल में बंद था. उसे साल 2013 में सजा हुई थी, जबकि इसके 2 साथी आतिफ और साजिद एनकाउंटर में मारे गए थे. 2008 में हुए बाटला हाउस एनकाउंटर के बाद आरिज भाग गया था. साल 2018 में उसे नेपाल से गिरफ्तार किया गया था.
इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी शहजाद की मौत हो गई है. वो तिहाड़ जेल में बंद था और बीमार था. बाटला हाउस एनकाउंटर केस में उसे साल 2013 में सजा हुई थी. जबकि इसके 2 साथी आतिफ आमीन और मोहम्मद साजिद मारे गए थे.
शहजाद की उम्र 32 साल थी. तबीयत खराब होने पर पहले उसे जीटीबी अस्पताल भेजा गया. इसके बाद दिल्ली के एम्स रेफर किया गया था. अदालत ने उसे बाटला हाउस मुठभेड़ मामले में इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा की हत्या व अन्य अधिकारियों पर हमला करने का दोषी ठहराया था.
2018 में गिरफ्तार किया गया आरिज
बता दें कि दिल्ली में साल 2008 में हुए बाटला हाउस एनकाउंटर केस के बाद आरिज भाग गया था. साल 2018 में उसे नेपाल से गिरफ्तार किया गया था. अदालत ने फैसले के दौरान जांच अधिकारी से कहा था कि वो आरिफ खान और उसके परिवार की आर्थिक स्थिति की जानकारी लेकर अगली तारीख को कोर्ट को बताएं. उसी के बाद कोर्ट के द्वारा तय किया जा सकेगा कि परिवार से कितनी राशि वसूल की जाएगी.
कैसे हुआ था बाटला हाउस एनकाउंटर
19 सितंबर 2008 की सुबह बाटला हाउस एनकाउंटर हुआ था. तब स्पेशल सेल को एक सूचना मिली थी कि इंडियन मुजाहिदीन के कुछ आतंकी बाटला हाउस इलाके के एक मकान में छिपे हुए हैं. इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा समेत कई पुलिस अधिकारी उस वक्त मौके पर पहुंचे और आतंकियों को घेरने का प्लान बनाया. तब आतंकियों के साथ बाटला हाउस के मकान नंबर L-18 में मुठभेड़ हुई, दो आतंकी मारे गए. जबकि इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा शहीद हो गए थे.

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