
बांग्लादेश में अचानक शेख़ हसीना की पार्टी के दफ़्तरों को खोलने का सिलसिला क्यों शुरू हुआ?
BBC
बांग्लादेश में शेख़ हसीना की सत्ता के पतन के बाद देशभर में उनकी पार्टी के दफ़्तरों पर हमले हुए. मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने अवामी लीग और उससे जुड़े संगठनों पर प्रतिबंध लगा दिया था और वह चुनाव में भाग नहीं ले पाई.
बांग्लादेश में कुछ ही दिन पहले हुए चुनाव के बाद से ख़बरें आ रही हैं कि अवामी लीग के नेता और कार्यकर्ता अलग-अलग जगहों में पार्टी कार्यालयों में घुसने की कोशिश कर रहे हैं. यहां तक कि कई जगहों पर वो ताले तोड़कर अंदर घुस गए हैं.
ऐसे भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या वे पार्टी के आदेश पर या अपनी निजी पहल पर ऐसा कर रहे हैं, या इसके पीछे सत्ताधारी बीएनपी या जमात-ए-इस्लामी या किसी अन्य के साथ कोई समझौता है.
अगस्त 2024 में सत्ता से बाहर होने के बाद अवामी लीग पर प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के दौरान राजनीतिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. अवामी लीग हालिया चुनाव में भाग भी नहीं ले सकी थी.
हालांकि, चुनाव के तुरंत बाद, ढाका समेत कई जगहों में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अवामी लीग के कार्यालयों को खोल दिया या उनमें प्रवेश करने का प्रयास किया.
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कुछ स्थानों पर, कार्यालयों के खुलने के बाद जवाबी कब्ज़े और हमलों की घटनाएं भी हुईं.
कई लोगों ने इस तरह की गतिविधि के पीछे के कारण पर सवाल उठाए हैं.













