
प्रेस स्वतंत्रता को निशाना बनाने वालों को दंडित किया जाना चाहिए: इंटरनेशनल प्रेस इंस्टिट्यूट
The Wire
इंटरनेशनल प्रेस इंस्टिट्यूट ने एक प्रस्ताव पारित किया है, जिसमें चेतावनी दी गई है कि प्रेस की स्वतंत्रता के उल्लंघन के लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ जब तक कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक यह दमनकारी अभियान चलता रहेगा, जो आगे चलकर तेज़ ही होगा और स्वतंत्र ख़बरों के भविष्य और दुनियाभर में लोकतंत्र को जोख़िम में डालेगा.
नई दिल्लीः संपादकों, मीडिया अधिकारियों और पत्रकारों के वैश्विक नेटवर्क इंटरनेशनल प्रेस इंस्टिट्यूट (आईपीआई) ने शुक्रवार को एक प्रस्ताव पारित करते हुए कहा कि विश्व स्तर पर पत्रकारों और स्वतंत्र प्रेस को निशाना बनाने वालों को दंडित किया जाना चाहिए.
इस प्रस्ताव में बेलारूस, म्यांमार, हंगरी, चीन, सऊदी अरब और दुनिया के कई और देशों में प्रेस की स्वतत्रंता पर बढ़ रहे हमलों का उल्लेख किया गया है.
आईपीआई के प्रस्ताव में कहा गया है कि अधिक चिंताजनक यह है कि दोषियों को अधिक खामियाजा भुगतना नहीं पड़ता.
प्रस्ताव में कहा गया, ‘आईपीआई सदस्यों ने चेतावनी दी कि प्रेस की स्वतंत्रता के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जब तक कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक यह दमनकारी अभियान चलता रहेगा, जो आगे चलकर तेज ही होगा और स्वतंत्र खबरों के भविष्य और दुनियाभर में लोकतंत्र को जोखिम में डालेगा.’

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