
'पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों को मारेंगे', राजनाथ सिंह के बयान पर भड़का पाकिस्तान, दी गीदड़भभकी
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पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा है कि पाकिस्तान उकसावे के किसी भी कदम के खिलाफ अपनी संप्रभुता की रक्षा करने में सक्षम और दृढ़ है. पाकिस्तान ने ये प्रतिक्रिया राजनाथ सिंह के बयान पर दी, जिसमें उन्होंने शुक्रवार को कहा था कि भारत सरकार देश की शांति में खलल डालने की कोशिश करने वाले आतंकवादियों को नहीं बख्शेगी, चाहे वे पाकिस्तान में ही क्यों न छिपे हों. सरकार उनका भी हिसाब-किताब करेगी.
पड़ोसी देश पाकिस्तान में फल-फूल रहे आतंकियों को खात्मे को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ओर से दिए गए बयान पर पाकिस्तान ने प्रतिक्रिया दी है. पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा है कि पाकिस्तान, भारत के रक्षा मंत्री की ओर से की गई भड़काऊ टिप्पणियों की निंदा करता है.
पाकिस्तान में घुसकर आतंकवादियों को खत्म करने के रिपोर्ट से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा था कि भारत सरकार देश की शांति में खलल डालने की कोशिश करने वाले आतंकवादियों को नहीं बख्शेगी, चाहे वे पाकिस्तान में ही क्यों न छिपे हों. सरकार उनका भी हिसाब-किताब करेगी.
एक निजी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि कोई भी आतंकवादी अगर पाकिस्तान से भारत को परेशान करेगा या परेशान करने की कोशिश करेगा, भारत में आतंकवादी हरकतें करेगा, तो उसका मुंहतोड़ जवाब देंगे. यदि वो भाग कर पाकिस्तान में जाएगा, तो पाकिस्तान में घुस कर मारेंगे.
पाकिस्तान ने दी गीदड़भभकी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के इस बयान पर पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने शनिवार को बयान जारी करते हुए कहा है, "पाकिस्तान ने 25 जनवरी 2024 को पाकिस्तान की धरती पर अंतरराष्ट्रीय हत्याओं से जुड़े भारतीय मिशन को लेकर साक्ष्यों को पेश किया था. पाकिस्तान के नागरिकों को मनमाने ढंग से 'आतंकवादी' करार देना और सजा देने का दावा करना स्पष्ट रूप से दोषी होने की स्वीकारोक्ति है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए यह जरूरी है कि वह भारत को उसके जघन्य और गैरकानूनी गतिविधियों के लिए जवाबदेह ठहराए.
पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के बयान में आगे कहा गया है, " पाकिस्तान उकसावे के किसी भी कदम के खिलाफ अपनी संप्रभुता की रक्षा करने में सक्षम और दृढ़ है. जिस तरह फरवरी 2019 में भारत की घुसपैठ को जवाब मिला और उसके खोखले दावों को उजागर किया गया. भारत की सत्तारूढ़ व्यवस्था अति-राष्ट्रवादी भावनाओं को भड़काने के लिए आदतन घृणित बयानबाजी का सहारा लेती है और चुनावी लाभ के लिए इस तरह के तर्क का इस्तेमाल करती है. इस तरह का अदूरदर्शी और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार न केवल क्षेत्रीय शांति को कमजोर करता है बल्कि भविष्य में रचनात्मक जुड़ाव की संभावनाओं को भी बाधित करता है.

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