
पाकिस्तानी के प्रधानमंत्री ने कहा, महिलाओं के कम कपड़े पहनने से पुरुषों पर असर पड़ता है
The Wire
प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने पाकिस्तान में बलात्कार के बढ़ते मामलों के बीच हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में कहा कि अगर कोई महिला कम कपड़े पहन रही है तो इसका असर पुरुषों पर होगा, जब तक कि वे रोबोट नहीं हैं. इस बयान के बाद से वह विपक्षी महिला सांसदों के निशाने पर आ गए हैं. उनके इस बयान की निंदा की जा रही है.
इस्लामाबाद: पाकिस्तान में बलात्कार के बढ़ते मामलों के बीच महिलाओं के पहनावे पर विवादास्पद बयान को लेकर प्रधानमंत्री इमरान खान विपक्षी महिला सांसदों के निशाने पर आ गए हैं. बढ़ती यौन हिंसा पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि महिलाओं के कम कपड़े पहनने से पुरुषों पर असर पड़ता है, जब तक कि वे रोबोट नहीं. Can the PM please explain why he chose to victim-blame women for the violence and sex crimes they face? Not ok at any level. Social, judicial, religious and political. He’s saying it’s the victim’s fault, not the man’s. Could he explain what else leads to assault? Misogyny 101 pic.twitter.com/8t0M3evCF9 Maybe the misogynst, degenerate can defend Paedophiles and murderers, as he advocates for rapist, after all men cannot be expected to control temptation. Just FYI Mr degenerate, self control is a little thing upon which Allah places a great premium. 2/2 Disappointing and frankly sickening to see PM Imran Khan repeat his victim blaming regarding reasons for sexual violence in Pakistan अमेरिकी टीवी एचबीओ को हाल में दिए साक्षात्कार में खान से पूछा गया था कि क्या उन्हें लगता है कि महिलाओं के पहनावे की वजह से बलात्कार की घटनाएं होती हैं, इसके जवाब में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा, ‘अगर कोई महिला बहुत कम कपड़े पहन रही है तो इसका असर होगा, इसका पुरुषों पर असर होगा, जब तक कि वे रोबोट नहीं हैं. मेरा मतलब है कि यह सामान्य समझ की बात है.’ — SenatorSherryRehman (@sherryrehman) June 22, 2021 — Marriyum Aurangzeb (@Marriyum_A) June 21, 2021 Men are not “robots”, he says. If they see women in skimpy clothes, they will get “tempted” and some will resort to rape 68 वर्षीय खान के जवाब से इस सन्न रह गए साक्षात्कारकर्ता जोनाथन स्वॉन ने अपना सवाल दूसरे तरीके से पूछा, ‘लेकिन क्या इससे वास्तव में यौन हिंसा के कृत्यों को उकसावा मिलता है?’ Shameful! अपने रुख पर कायम खान ने कहा, ‘यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कैसे समाज में रहते हैं. अगर किसी समाज में लोगों ने ऐसी चीजें नहीं देखी हैं तो इसका असर होगा. आपके जैसे समाज में शायद असर नहीं पड़े. यह सांस्कृतिक साम्राज्यवाद है, जो भी हमारी संस्कृति में है, उसे अन्य सभी को स्वीकार करना चाहिए.’ — Reema Omer (@reema_omer) June 20, 2021More Related News
