
पहले योगी से मिले RSS चीफ मोहन भागवत फिर केशव-बृजेश से भी की मुलाकात, यूपी अंदरखाने क्या पक रहा?
ABP News
RSS प्रमुख मोहन भागवत 16-19 फरवरी तक लखनऊ के दौरे पर हैं. इस दौरान उन्होंने सबसे पहले बुधवार को सीएम योगी से मुलाकात की और आज दोनों डिप्टी सीएम से भी मिले हैं.
RSS प्रमुख मोहन भागवत 16-19 फरवरी तक लखनऊ के दौरे पर हैं. इस दौरान भागवत ने प्रबुद्ध वर्ग के लोगों के साथ कई बैठकें कीं, लेकिन सबसे ज़्यादा चर्चा उन 3 मुलाक़ातों की हुई, जो इन दिनों उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सियासत की धुरी बने हुए हैं. 18 फरवरी की रात 8 बजे योगी आदित्यनाथ ने मोहन भागवत से लगभग 40 मिनट तक मुलाकात की. योगी और भागवत की यह मुलाकात लखनऊ के निरालानगर में संघ कार्यालय पर हुई.
इस बैठक को लेकर ना ही संघ और ना ही मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से कोई बयान जारी किया गया, लेकिन योगी और भागवत की मुलाकात ने कई सियासी चर्चाओं को बल दिया है. यह मुलाक़ात ऐसे समय पर हुई, जब संघ में आने वाले महीनों में कुछ बदलाव होने हैं, जिसमें उत्तर प्रदेश में भी संघ के पदाधिकारियों के कार्यों में भी बदलाव की चर्चा है.
योगी संग मजबूती से खड़ा संघउत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के साथ संघ बहुत मजबूती से खड़ा दिखाई देता है. ख़ासतौर पर संघ के पूर्वी यूपी के क्षेत्र प्रचारक अनिल सिंह सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रबल पक्षधर माने जाते हैं. अनिल सिंह लंबे समय से पूर्वी यूपी के संघ क्षेत्र प्रचारक बने हुए हैं. योगी और भागवत की मुलाकात की टाइमिंग इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि उत्तर प्रदेश में बीजेपी की नई टीम की घोषणा होनी है. यूपी के योगी मंत्रिमंडल में विस्तार भी प्रस्तावित बताया जा रहा है. दूसरी ओर साल 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की सीटें कम होने में उत्तर प्रदेश की टीस अभी तक संघ और बीजेपी के मन में बनी हुई है.
सपा के PDA फ़ॉर्मूले को भेदने की तैयारी संघ साल 2027 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की दोबारा सत्ता में वापसी कराना चाहता है, लेकिन अखिलेश यादव के PDA समीकरण ने बीजेपी को तगड़ी चुनौती दे रखी है. ऐसे में संघ सामाजिक समरसता के माध्यम से सपा के PDA के फ़ॉर्मूले को ध्वस्त करने के एजेंडे पर काम कर रहा है. ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि योगी और भागवत की इस मुलाकात में 2027 के एजेंडे पर भी चर्चा हुई होगी. योगी और भागवत ऐसे समय में मिले, जब यूपी में बीजेपी के सामने एक बड़ी चुनौती आपसी गुटबाज़ी भी मानी जा रही है. बीजेपी के ही कई विधायक और मंत्री आमने सामने आ गए. दोनों डिप्टी सीएम के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ संबंध मधुर नहीं है. कई मौकों पर यह दूरी नज़र भी आ जाती है.













