
पश्चिम बंगाल में एसआईआर: आख़िरी वोटर लिस्ट के बाद भी क्यों आएगी और लिस्ट
BBC
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पश्चिम बंगाल के साथ-साथ झारखंड और ओडिशा से भी न्यायिक अधिकारियों की तैनाती की गई है, ताकि पुनरीक्षण की रफ़्तार बढ़ाई जा सके. लेकिन अभी भी इस प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं.
चुनाव आयोग ने 28 फ़रवरी को पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत अंतिम सूची जारी कर दी है.
लेकिन लाखों मतदाता अब भी अपने नाम के सूची में शामिल होने का इंतज़ार कर रहे हैं, जिससे अंतिम सूची के जारी होने के बावजूद यह प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है.
लगभग 50 लाख मतदाताओं के नाम अब भी सूची में मंज़ूरी के इंतज़ार में हैं. समय की कमी और लंबित मामलों की भारी संख्या को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट को इस प्रक्रिया में हस्तक्षेप करना पड़ा.
अदालत के निर्देश पर पश्चिम बंगाल के साथ-साथ झारखंड और ओडिशा से भी न्यायिक अधिकारियों की तैनाती की गई है, ताकि पुनरीक्षण की रफ़्तार बढ़ाई जा सके.
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चुनाव आयोग के मुताबिक़, एसआईआर से जुड़े न्यायिक फ़ैसले लेने के लिए कुल 530 न्यायिक अधिकारियों को नियुक्त किया गया है, जिनमें से लगभग 280 अधिकारी राज्य के 23 ज़िलों में ज़मीनी स्तर पर काम शुरू कर चुके हैं.
इस पूरी कवायद का सबसे अहम संदर्भ समय है. चुनाव आयोग के अनुसार फ़ाइनल मतदाता सूची 28 फ़रवरी तक प्रकाशित किया जाना था, जबकि क़रीब 60 लाख नाम पर अब भी न्यायिक फ़ैसला लेना बाक़ी है.













