
पलाश मुच्छल को बॉम्बे हाई कोर्ट ने मानहानि मामले में दी बड़ी राहत, टिप्पणी करने वालों पर लगाई लगाम
ABP News
Palash Muchhal Case: पिछले कुछ समय से कॉन्ट्रोवर्सी में आए सिंगर पलाश मुच्छल को बॉम्बे हाईकोईट से बड़ी राहत मिल गई है. मानहानि मामले में अफवाह फैलाने वालों पर कोर्ट ने लगाम लगाई है.
मशहूर सिंगर पलाश मुच्छल बीते काफी समय से चर्चा में बने हुए हैं. जबसे पलाश मुच्छल की शादी भारतीय क्रिकेटर स्मृति मंदाना से टूटी है, तभी से सिंगर को लेकर अलग- अलग तरह की बातें सामने आ रही हैं. वहीं कुछ दिन पहले स्मृति मंदाना के एक दोस्त विद्नयन माने सिंगर पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया था. साथ ही साथ उन्होंने बहुत कुछ बातें भी सिंगर के बारे में कही थीं. जिसके बाद पलाश ने विद्नयन पर मानहानि का केस दर्ज कर दिया था. वहीं अब इस मामले में पलाश को बॉम्बे हाईकोर्ट ने राहत दी है.
पलाश के खिलाफ टिप्पणी करने से रोकाहिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक पलाश मुच्छल के मानहानि मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने विद्नयन माने के खिलाफ एक आदेश जारी किया है. ये बात पलाश के वकील श्रेयांश आर मिथारे ने कंफर्म की है. इसी के साथ कोर्ट ने विद्नयन को सख्त निर्देश दिए हैं कि वो पलाश के खिलाफ कोई भी टिप्पीणी पब्लिक में नहीं कर सकते हैं, ऐसा करने से पलाश की रेप्युटेशन खराब हो सकती है. पलाश के वकील ने कोर्ट के इस फैसला का स्वागत करते हुए इसे सिंगर के लिए पॉजिटिव बताया है. इस मामले की अगली सुनवाई 11 मार्च को होगी.
क्या है मामला?बता दें कि क्रिकेटर स्मृति मंधाना के एक दोस्त विद्नयन माने ने सांगली पुलिस स्टेशन में पलाश के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. जिसमें उन्होंने कहा था कि 5 दिसंबर, 2023 को उन्होंने पलाश से मुलाकात की थी और 'नजरिया' में बतौर प्रोड्यूसर इन्वेस्ट करने का मौका दिया था. इसके लिए उन्होंने कुल 40 लाख रुपये पलाश को दिए थे. लेकिन ना तो ये प्रोजेक्ट पूरा हुआ और ना ही, विद्नयन के पैसे लौटाए गए. इस शिकायत के अलावा विद्नयन ने स्मृति और पलाश की शादी में क्या हुआ इस पर भी बात की थी और खुलासा किया था कि पलाश ने स्मृति को धोखा दिया.
पलाश ने किया था खुद का बचावविद्नयन की शिकायत और बयानों के बाद पलाश मुच्छल ने भी अपने बचाव में उनके ऊपर मानहानि का केस दर्ज किया था. पलाश ने इंस्टाग्राम पर स्टोरी शेयर कर इस बारे में बताया था. उन्होंने लिखा था कि उनके वकील ने 10 करोड़ की मानहानि का दावा पेश करते हुए एक लीगन नोटिस विद्नयन माने को उनके झूठे आरोपों के खिलाफ भेज दिया है.













