
'परीक्षा में गड़बड़ियों के कारण 'मुन्ना भाई' जैसे लोग डॉक्टर बन रहे', राज्यसभा में बोले राघव चड्ढा
AajTak
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने संसद में कहा कि बिगड़ती शिक्षा व्यवस्था का संकट हमारे देश को प्रभावित कर रहा है. यह व्यवस्था कभी हमारे देश का गौरव हुआ करती थी, लेकिन आज यह एक युद्ध का मैदान बन गई है, जहां हमारे बच्चे ज्ञान या अधिकार के लिए नहीं, बल्कि अपना अस्तित्व बचाने के लिए लड़ रहे हैं.
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा में भारतीय शिक्षा प्रणाली से जुड़ी समस्याओं का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि NEET परीक्षा में गड़बड़ियों की वजह से आज 'मुन्ना भाई' जैसे डॉक्टर बन रहे हैं और प्रतिभाशाली युवा गलत रास्तों से विदेश भाग रहे हैं. राघव चड्ढा ने स्टार्टअप्स के सामने आने वाली नौकरशाही की समस्याओं पर भी सवाल खड़ा किया.
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने संसद में कहा कि बिगड़ती शिक्षा व्यवस्था का संकट हमारे देश को प्रभावित कर रहा है. यह व्यवस्था कभी हमारे देश का गौरव हुआ करती थी, लेकिन आज यह एक युद्ध का मैदान बन गई है, जहां हमारे बच्चे ज्ञान या अधिकार के लिए नहीं, बल्कि अपना अस्तित्व बचाने के लिए लड़ रहे हैं.
राघव ने कहा कि बहुत कम उम्र से ही हमारे छात्रों को कभी न खत्म होने वाली दौड़ में धकेल दिया जाता है और कुछ नया सीखने की इच्छा एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करने के दबाव से नीचे दब जाती है, क्योंकि बच्चों में सीखने की जिज्ञासा को फलने-फूलने देने की बजाय हमारी शिक्षा प्रणाली उन्हें ये सिखा रही है कि उनकी योग्यता सिर्फ उनके द्वारा प्राप्त नंबरों, ग्रेड्स या रैंकों से ही मापी जाएगी. यह भीषण प्रतिस्पर्धा न केवल हमारे बच्चों से उनका बचपन छीन रही है, बल्कि उन्हें निराशा और हताशा की ओर भी धकेल रही है.
उन्होंने कहा कि हमें अपनी शिक्षा प्रणाली में मौजूद खामियों को समझना होगा और यह भी समझना होगा कि इसमें तत्काल सुधार की आवश्यकता है. प्रतिस्पर्धा के दबाव की वजह से हमारे बच्चे अपने सपनों को पूरा करने के लिए जुनून और उत्साह खोते जा रहे हैं, अब यह डर, चिंता और अनिश्चितता में बदल रहा है.
'शिक्षा और रोजगार के बीच बहुत बड़ा अंतर'
सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि हमें यह भी स्वीकार करना होगा कि आज शिक्षा और रोजगार के बीच बहुत बड़ा अंतर है, इसके चलते आज हम अपने देश के भविष्य यानी छात्रों को बेरोजगारी के जाल में धकेल रहे हैं और यह तब तक बना रहेगा, जब तक हम बाजार की मांग और हमारी शिक्षा प्रणाली के बीच की इस खाई को मिटा नहीं देते. उन्होंने कहा कि बेहतर भविष्य की तलाश में हमारे कई प्रतिभाशाली युवा अपना देश छोड़ने को मजबूर हैं. मैं पंजाब से आता हूं, जहां हजारों-लाखों प्रतिभाशाली युवा अपना राज्य छोड़कर विदेशों में छोटी-मोटी नौकरियां करने जाते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि वो ऐसा क्यों कर रहे हैं? वो सुकून की तलाश में ऐसा करते हैं? वो अपनी इच्छा से नहीं, बल्कि मजबूरी में विदेश जा रहे हैं.

गुजरात के सूरत जिले के तड़केश्वर गांव में 21 करोड़ रुपये की लागत से बनी 11 लाख लीटर क्षमता वाली पानी की टंकी उद्घाटन से पहले ही भरभराकर गिर गई. 19 जनवरी को टेस्टिंग के दौरान 9 लाख लीटर पानी भरते ही टंकी गिर गई, जिसमें एक महिला समेत तीन मजदूर घायल हुए. मलबे से घटिया निर्माण सामग्री के संकेत मिले हैं. ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए ठेकेदार और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.

महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव के नतीजों के बाद अब मेयर पद की जंग तेज हो गई है. कल्याण-डोंबिवली में बहुमत के जादुई आंकड़े को छूने के लिए राजनीतिक उठापटक शुरू हो चुकी है. आरोप है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने उद्धव गुट (UBT) के चार पार्षदों को अपने पाले में करने के लिए तोड़-फोड़ की है.

नितिन नबीन बीजेपी के सबसे युवा अध्यक्ष हैं. पीएम मोदी ने आज नितिन नबीन को मिलेनियल बताया. नितिन नबीन के लिए 2026 की चुनावी चुनौती बड़ी है, क्योंकि बंगाल, केरल, और तमिलनाडु में बीजेपी कभी सत्ता में नहीं रही. 2027 में यूपी का भी चुनाव है. सवाल है कि क्या नितिन नबीन के युवा नेतृत्व का जोश, क्या विपक्ष को और मुसीबत में डालने वाला है? देखें हल्ला बोल.

अहमदाबाद के घाटलोडिया इलाके में नेशनल स्कूल के बाहर दसवीं के छात्र पर जानलेवा हमला हुआ है. परीक्षा खत्म होने के तुरंत बाद 8 से 10 हमलावरों ने छात्र को घेर लिया और उसे स्कूल से लगभग 50 मीटर दूर तक घसीट कर चाकू, पाइप और लकड़ी से बेरहमी से मारा. इस मामले में स्कूल के चार छात्र और उनके साथी शामिल हैं. पुलिस ने बताया कि यह हमला पुरानी रंजिश के कारण हुआ है.









