
पटना में गर्ल्स हॉस्टल के हालात : 'दिल्ली महंगा था, लेकिन यहां तो जान पर ही ख़तरा है'
BBC
पटना के एक प्राइवेट हॉस्टल में छात्रा की मौत के बाद बीबीसी ने शहर में ऐसे हॉस्टल्स के हालात पर वहां रहने वाली लड़कियों से बात की. बीबीसी ने हॉस्टल में रहने के दौरान होने वाली मुश्किलों, भविष्य के सपने और छात्रा की मौत के बाद उपजे डर की थाह लेने की कोशिश की है.
भय, असुरक्षा, भविष्य की चिंता और सालों से संजोए सपनों के टूटने का डर...
पटना के हॉस्टलों में रहने वाली लड़कियां आजकल इसी कश्मकश से गुज़र रही हैं.
बीती 11 जनवरी को पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली एक छात्रा की संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी. इस मौत की जांच की अनुशंसा सीबीआई से की गई है. लेकिन इस मौत ने पटना में हॉस्टल में रहने वाली लड़कियों की सुरक्षा पर सवाल को केन्द्र में ला दिया है.
बीते डेढ़ दशक में पटना में हॉस्टल की संख्या में बहुत इज़ाफ़ा हुआ है. देश के कई नामचीन कोचिंग संस्थान की ब्रांच पटना में खुली, जिसके बाद राज्य के अंदरूनी इलाकों से छात्र-छात्राएं अपने सपनों को पूरा करने के लिए दिल्ली जैसे बड़े शहर का रुख़ करने के बजाए पटना आने लगे. उनकी इस आमद के चलते बड़ी संख्या में पटना में हॉस्टल खासतौर पर गर्ल्स हॉस्टल खुले.
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बीबीसी ने पटना में हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं से बात की है. हमने इस बातचीत में हॉस्टल में रहने के दौरान होने वाली मुश्किलों, भविष्य के सपने और छात्रा की मौत के बाद उपजे डर की थाह लेने की कोशिश की है.
लड़कियों ने अपना नाम नहीं छापने की शर्त पर हमसे बात की है. इस रिपोर्ट में सभी लड़कियों के नाम बदल दिए गए हैं.













