
नोएडा के 'ट्विन टावर' की तरह ढहेगा दिल्ली का यह अपार्टमेंट, लोगों को 30 नवंबर तक खाली करनी होगी बिल्डिंग
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डीडीए ने 30 नवंबर तक अपार्टमेंट को पूरी तरह खाली कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है. इस साल सितंबर में डीडीए ने यहां के निवासियों के साथ डील फाइनल की और दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने के लिए 15 अक्टूबर तक समय दिया था. अब 30 नवंबर के बाद, इस अपार्टमेंट में बिजली और मेंटिनेंस जैसी सभी सेवाओं को वापस ले लिया जाएगा.
दिल्ली विकास प्राधिकरण (Delhi Development Authority) ने उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के मुखर्जी नगर स्थित बहुमंजिला 'सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट' (Signature View Apartment) के ध्वस्तीकरण की तैयारियां शुरू कर दी हैं. आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, डीडीए ने इसके लिए एक कंसल्टेंट फर्म हायर करने का फैसला किया है और ऑनलाइन बोलियां आमंत्रित की हैं. अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि डीडीए ने इस उद्देश्य के लिए एक ई-टेंडर नोटिस और रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (Request for Proposal) जारी किया है.
'सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट' का निर्माण 2007-2009 के बीच हुआ था. इस परिसर में कुल 336 फ्लैट हैं, जिनमें एचआईजी और एमआईजी दोनों शामिल हैं. हालांकि, कुछ ही समय बाद फ्लैटों में निर्माण संबंधी समस्याएं आने लगीं, जिससे यहां के निवासियों को डीडीए से शिकायत करने के लिए मजबूर होना पड़ा.डीडीए के आदेश पर आईआईटी-दिल्ली द्वारा किए गए 2021-2022 के अध्ययन में इमारत को संरचनात्मक रूप से असुरक्षित पाया गया.
डीडीए ने 30 नवंबर तक 'सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट' को पूरी तरह खाली कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है. इस साल सितंबर में डीडीए ने यहां के निवासियों के साथ डील फाइनल की और दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने के लिए 15 अक्टूबर तक समय दिया था. निवासियों को सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंटखाली करने के लिए 45 दिन का समय दिया गया था. डीडीए 30 नवंबर के बाद, इस अपार्टमेंट में बिजली और मेंटिनेंस जैसी सभी सेवाओं को वापस ले लेगा.
DDA ने जारी किया ई-टेंडर नोटिस
ई-टेंडर नोटिस में लिखा है, 'ई-टेंडर (ऑनलाइन बोली) के माध्यम से मुखर्जी नगर, दिल्ली में सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट, जो एक बहुमंजिला परिसर है, के विध्वंस के लिए एक सलाहकार को नियुक्त करने हेतु पात्र आवेदकों से प्रस्ताव आमंत्रित किए जाते हैं. इसमें ध्वस्तीकरण के पश्चात मलबे की सफाई और पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) भी शामिल है.' नोटिस में, डीडीए अधिकारियों ने हाई राइज एक्सकेवेटर्स, विस्फोटक, डायमंड-कटिंग तकनीक आदि जैसे तरीकों का उपयोग करके संरचनाओं को ध्वस्त करने में न्यूनतम 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली एक फर्म को काम पर रखने की मांग की है.
आरएफपी दस्तावेज में कहा गया है कि कंसल्टेंट फर्म की नियुक्ति 'छह महीने की अवधि के लिए होगी (एक महीने विध्वंस से पहले और 5 महीने विध्वंस और मलबे के निपटान/पुनर्चक्रण के दौरान), जिसे जरूरत पड़ने पर डीडीए द्वारा बढ़ाया जा सकता है. साथ ही यह भी कहा गया है कि डीडीए द्वारा कम से कम 30 दिन का नोटिस देकर कंसल्टेंट फर्म की नियुक्ति रद्द की जा सकती है.

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