
नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा संसद में आज साबित करेंगे बहुमत, 13 जुलाई को लिया था हलफ
Zee News
नेपाली कांग्रेस के सदर 75 वर्षीय देउबा ने 13 जुलाई को प्रधानमंत्री ओहदे का हलफ लिया था. नेपाल की प्रतिनिधि सभा में कुल 275 सदस्यों में 271 की गिनती होगी, जिनमें से देउबा को कम से कम 136 सदस्यों की हिमायत हासिल करनी होगी.
काठमांडूः नेपाल के नव नियुक्त प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा रविवार को पुनरू बहाल किए गए संसद के निचले सदन में विश्वास प्रस्ताव का सामना करेंगे. नेपाली कांग्रेस के सदर 75 वर्षीय देउबा ने 13 जुलाई को प्रधानमंत्री ओहदे का हलफ लिया था. इससे एक दिन पहले ही नेपाल के सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश चोलेंद्र शमशेर राणा की सदारत वाली संविधान पीठ ने संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा को बहाल करने का हुक्म दिया था, जिसे पांच महीने में दूसरी बार 22 मई को तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सिफारिश पर राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने भंग कर दिया था. अदालत ने फैसले को असंवैधानिक करार दिया था. सदन की पहली बैठक है आज खबरों के मुताबिक, सदन के बहाल होने के बाद पहली बैठक इतवार को मकामी वक्त के मुताबिक शाम चारे बजे न्यू बनेश्वर वाके संघीय संसद भवन में होगी. ‘माईरिपब्लिकडॉटकॉम’ की खबर के मुताबिक, सरकार के तरजुमान और विधि एवं संसदीय कार्यमंत्री ज्ञानेंद्र कार्की ने संघीय संसद सचिवालय में विश्वास प्रस्ताव पंजीकृत कराया है. काठमांडू पोस्ट ने प्रतिनिधि सभा के सदर अग्नि सप्कोटा के प्रेस सलाहकार के हवाले से बताया है कि विश्वासमत के प्रस्ताव को पहले ही संसदीय सचिवालय में पंजीकृत कराया जा चुका है. प्रधानमंत्री इतवार को सदन की कार्यवाही की दूसरी बैठक में बहुमत साबित करेंगे. सीपीएन-यूएमल के 26 सदस्य माधव नेपाल के करीबी हैं और उन्होंने देउबा के जरिए संविधान के अनुच्छेद 76(5) के तहत सरकार बनाने का दावा पेश करने के दौरान उनका समर्थन किया है. जनता समाजवादी पार्टी के यादव गुट ने भी देउबा का समर्थन किया है.
Bulsae-4 missile North Korea weapons: उत्तर कोरिया ने दुनिया के सबसे खतरनाक टैंक रोधी हथियारों में से एक 'बुलसे-4' (Bulsae-4) का उत्पादन कई गुना बढ़ाने का फैसला किया है. यूक्रेन के युद्ध के मैदान में अपनी ताकत का लोहा मनवाने के बाद, अब यह मिसाइल और भी घातक होकर सामने आई है. इसे 'फायर एंड फॉरगेट' यानी 'दागो और भूल जाओ' हथियार कहा जाता है, जो पलक झपकते ही बड़े से बड़े टैंक को लोहे के कबाड़ में बदल देता है.

SU-30MKII को F-35 ने उड़ने तक नहीं दिया! बेस पर ही किया भस्म; वेनेजुएला में अमेरिका और रशिया में जंग
SU-30MKII Vs F35 in War: अमेरिका ने पहले वेनेजुएला की एयर डिफेंस तबाह की, फिर F-35B स्टेल्थ जेट से SU-30MKII को जमीन पर ही नष्ट कर दिया. आसमान साफ होते ही डेल्टा फोर्स ने कराकस में घुसकर राष्ट्रपति मादुरो को दबोच लिया, बिना फुल-स्केल युद्ध छेड़े.

US Air Force B-1B Lancer bombers: B-1B लांसर बॉम्बर्स की तैनाती प्रशांत क्षेत्र में बढ़ाने की तैयारी में है. इसका मुख्य कारण इन विमानों में Long Range Anti-Ship Missile (LRASM) का शामिल किया जाना है. इससे इन्हें दुश्मन के समुद्री बेड़े पर हमला करने की बड़ी क्षमता मिलती है. अमेरिका B-1B बॉम्बर्स को चीन के तेजी से बढ़ते सतह युद्धपोत बेड़े के मुकाबले एक असमान रणनीतिक हथियार के तौर पर देख रहा है.

F-15 Eagle fighter jet: आवाज की रफ्तार से भी तेज और मौत की तरह सटीक, यह एक ऐसे लड़ाकू विमान की कहानी है जिसने आज तक हार का स्वाद नहीं चखा. जब यह आसमान में निकलता है, तो दुश्मन के रडार कांपने लगते हैं और उसके पायलटों के पास केवल भागने का रास्ता बचता है. साल 2025 तक के इतिहास में इस विमान ने 100 से ज्यादा हवाई मुकाबले किए हैं और हर बार यह विजेता बनकर ही लौटा है.





