
नीतीश कुमार तीन महीने में ही क्यों छोड़ रहे हैं सीएम की कुर्सी, बेटे के भविष्य को लेकर लग रही हैं ये अटकलें
BBC
बीते लगभग दो दशकों से बिहार की राजनीति की धुरी बने हुए नीतीश कुमार को शपथ लिए हुए 105 दिन ही गुज़रे हैं और अब वह राज्यसभा जाने की तैयारी में हैं.उनके इस फ़ैसले ने कइयों को चौंकाया है, ख़ासकर उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को.
'25 से 30 एक बार फिर नीतीश'
इसी नारे के साथ एनडीए ने बिहार में साल 2025 का विधानसभा चुनाव लड़ा.
गठबंधन ने भारी बहुमत के साथ जीत दर्ज की और नीतीश कुमार ने दसवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.
बीते लगभग दो दशकों से बिहार की राजनीति की धुरी बने हुए नीतीश कुमार को शपथ लिए हुए 105 दिन ही गुज़रे हैं और अब वह राज्यसभा जाने की तैयारी में हैं.
उनके इस फ़ैसले ने कइयों को चौंकाया है, ख़ासकर उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को.
उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं में रोष है, नाराज़गी है और इस बात को लेकर गहरा असमंजस भी कि आख़िर इतना बड़ा फ़ैसला इतनी अचानक कैसे और क्यों लिया गया.
नीतीश कुमार के सोशल मीडिया पोस्ट के मुताबिक़, वह अपनी स्वेच्छा से संसद के ऊपरी सदन का सदस्य बनना चाहते हैं लेकिन पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए यह स्वीकार कर पाना मुश्किल हो रहा है.













