
नए वायरस की दस्तक? खांसी में सिरप-दवा कुछ नहीं आ रहा काम, एक्सपर्ट्स से जानें क्या है इसकी वजह
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देशभर में खांसी के मामले बहुत अधिक बढ़ रहे हैं. क्या यह किसी नए वायरस की दस्तक है? इस सवाल का जवाब ढ़ूंढ़ने के लिए आजतक की टीम ने कई डॉक्टरों से बातचीत की. एक्सपर्ट्स ने इसके लिए मौसम को भी जिम्मेदार ठहराया. दरअसल सुबह और शाम के समय तो मौसम ठंडा रहता है जबकि दिन में भयंकर गर्मी का मौसम महसूस किया जा रहा है.
देश में बदलते मौसम के साथ यह महसूस किया गया है कि लोगों में खांसी के मामले बहुत अधिक बढ़ रहे हैं. क्या यह किसी नए वायरस की दस्तक है? इस सवाल का जवाब ढ़ूंढ़ने के लिए आजतक की टीम ने कई डॉक्टरों से बातचीत की. इस बीच ICMR ने भी इस पर गाइडलाइंस जारी की हैं. अपने सवाल के जवाब पाने के लिए सबसे पहले हम पहुंचे जयपुर के डॉक्टर गोविंद शरण शर्मा के पास. डॉक्टर गोविंद ने बताया कि आज कल देखा गया है कि खांसी के ऐसे मामले सामने आ रहे हैं कि लोग महीनों तक इस बीमारी से ठीक नहीं हो पा रहे हैं.
डॉक्टर गोविंद ने बताया कि कोविड के बाद से यह तो देखने में आया है कि लोगों के खानपान में और उनकी सहन शक्ति में कमी आई है. इसके अलावा एक दूसरी वजह जो लोगों की सेहत पर फर्क डाल रही है, वह ये है कि मौसम में लगातार बदलाव देखे जा रहे हैं. सुबह और शाम के समय तो मौसम ठंडा रहता है जबकि दिन में भयंकर गर्मी का मौसम महसूस किया जा रहा है.
खांसी की बीमारी बच्चों को ज्यादा शिकार बना रही है?
इस सवाल पर डॉक्टर गोविंद ने बताया कि आमतौर पर बच्चों में इम्यूनिटी वैसे भी कम रहती है. खांसी-जुकाम बच्चों को वैसे भी पहले ही जकड़ लेते हैं. इससे बचाव के लिए बच्चों के लिए भी वैक्सीनेशन की जरूरत है.
बच्चों में बचाव के लिए करें यह खास उपाय
नागपुर के एक डॉक्टर का इस मामले पर कहना है कि मौसम में परिवर्तन में भी इस तरह की बीमारियों का मुख्य कारण है. सुबह और शाम में ठंड रहना और दिन में गर्मी रहना इस तरह की बीमारियों को पैदा कर रहा है. एक्सपर्ट के मुताबिक बच्चों और वृद्धों में इस तरह के मामले ज्यादा देखे जा रहे हैं. एक्सपर्ट ने इससे बचने के लिए एक मंत्र भी बताया. P मतलब प्रिवेंशन. यानी अगर खांसी के शुरुआती लक्षण दिखाई दें तो तुरंत बच्चे को स्कूल या बाहर कहीं जाने से रोकें. इससे अन्य लोगों में खांसी कम फैलेगी.

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