
'द केरल स्टोरी-2': एक फ़िल्म से क्या राज्य का सामाजिक ताना-बाना बिखर सकता है?
BBC
'द केरल स्टोरी-2' फ़िल्म में धर्म परिवर्तन को लेकर कहानी दिखाई गई है जो सच्चाई से काफ़ी दूर लगती है और धर्म परिवर्तन के आधिकारिक आंकड़ों से मेल नहीं खाती है.
केरल हाई कोर्ट की एक डिवीज़न बेंच ने फ़िल्म 'द केरल स्टोरी-2' की स्क्रीनिंग की इजाज़त दे दी है.
विशेषज्ञों का मानना है कि क़ानूनी लड़ाई के बाद फ़िल्म- 'द केरल स्टोरी 2 : गोज़ बियॉन्ड' की रिलीज़ से आने वाले विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदों को शायद ज़्यादा मदद न मिले, लेकिन यह भविष्य में केरल में ध्रुवीकरण के बीज बोने में मदद करेगी, जिसका असर आख़िरकार राज्य की सामाजिक और राजनीतिक दशा पर पड़ेगा.
फ़िल्म के टाइटल में 'केरल' राज्य के नाम का इस्तेमाल ख़ुद हाई कोर्ट के सामने झगड़े का मुद्दा बन गया था.
केरल हाई कोर्ट की एक डिवीज़न बेंच ने चौबीस घंटे से भी कम समय में दूसरी बार बैठकर, सिंगल जज के लगाए गए स्टे को हटा दिया और फ़िल्म की स्क्रीनिंग की इजाज़त दे दी.
यह नई फ़िल्म 'द केरल स्टोरी' का सीक्वल है, जो मई 2023 में कर्नाटक विधानसभा चुनावों से ठीक पहले रिलीज़ हुई थी, जिसमें कांग्रेस की जीत हुई थी.
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अचानक आई कानूनी रुकावटों की वजह से राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर इस बात पर बहस छिड़ गई कि इससे सामाजिक संबंधों पर कितना दबाव पड़ेगा.













