
देश के वीर सपूत 1857 क्रांति के जनक मंगल पांडे की जयंती आज, सीएम योगी समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
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अंग्रेजों के खिलाफ सिर उठाने वाले भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के पहले क्रांतिकारी के तौर पर विख्यात मंगल पांडे ने पहली बार 'मारो फिरंगी को' का नारा देकर भारतीयों का हौसला बढ़ाया था. उनके विद्रोह से ही प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत हुई थी.
लखनऊ: देश की आजादी के लिए लड़ी गई लड़ाई की पहली जंग कहे जाने वाले 1857 के स्वतंत्रता संग्राम का आगाज करने वाले मंगल पांडे की आज 194वीं जयंती है. पूरा देश आज मां भारती के उस वीर पुत्र को याद कर रहा है. मंगल पांडे ने अपने साहस से अंग्रेजी हुकूमत को कड़ी टक्कर दी थी. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं ने उनको विनम्र श्रद्धांजलि दी है. बर्बर अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध 1857 में क्रांति का बिगुल फूंक अपने बलिदान से राष्ट्र को जागृत करने वाले माँ भारती के अमर सपूत मंगल पांडे की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। “यह आजादी की लड़ाई है, गुजरे हुए कल से आजादी... आने वाले कल के लिए” सीएम योगी आदित्यनाथ ने उनकी जंयती पर ट्वीट कर कहा है कि बर्बर अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध 1857 में क्रांति का बिगुल फूंक अपने बलिदान से राष्ट्र को जागृत करने वाले मां भारती के अमर सपूत मंगल पांडे की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि. प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम -1857 की क्रांति के अग्रदूत, माँ भारती के वीर सपूत अमर बलिदानी मंगल पांडे जी की जयंती पर उन्हें शत्-शत् नमन।
Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.

Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.










