
दूसरे देशों को क्यों दी कोरोना वैक्सीन? विदेश मंत्री ने बताई भारत की मजबूरी
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भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कोरोना संकट के बावजूद भारत में चुनावी रैलियों के आयोजन करने और सामूहिक सभाओं की अनुमति देने का बचाव किया है. उन्होंने कहा कि देश में कोविड-19 की दूसरी लहर ने सभी को आश्चर्यचकित कर दिया.
भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कोरोना संकट के बावजूद भारत में चुनावी रैलियों के आयोजन करने और सामूहिक सभाओं की अनुमति देने का बचाव किया है. उन्होंने कहा कि देश में कोविड-19 की दूसरी लहर ने सभी को आश्चर्यचकित कर दिया. विदेश मंत्री ने यह भी दावा किया कि केंद्र सरकार ने लोगों को ऑक्सीजन मुहैया कराने के लिए 'जमीन-आसमान एक' कर दिया है. (फोटो-Getty Images) विदेश मंत्री जयशंकर ने भारत की वैक्सीन डिप्लोमेसी का भी बचाव किया. इसमें कहा गया था कि भारत ने कोवैक्स समझौते (Covax Agreement) के तहत अन्य देशों में वैक्सीन भेजने के लिए अंतरराष्ट्रीय करार किया है. टाइम्स ऑफ इंडिया ने जयशंकर के हवाले से कहा, 'कई देशों को कम कीमत पर टीके देने की बाध्यता थी. हमें अपने पड़ोसी मुल्कों की भी चिंता थी और हम नहीं चाहते थे कि हमारे घर के दरवाजे के बाहर (कोरोना) महामारी फैले.' (फोटो-रॉयटर्स)
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