
दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन के लिए 75% जमीन मौजूद, सिर्फ 25% भूमि ही किसानों से लेनी पड़ेगी
Zee News
दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए 160.81 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होगी और इसमें मात्र 60.19 हेक्टेयर जमीन किसानों से ली जाएगी. बाकी जमीन सरकारी होगी. किसानों से उनकी जमीन सहमति के आधार पर ली जाएगी.
वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को हाईटेक करने की कवायद लगातार जारी है. वाराणसी के विश्व प्रसिद्ध घाटों की तस्वीर बदलनी हो या शहर की सड़कों, पार्कों, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन का विकास, सभी क्षेत्रों में तेजी से काम चल रहा है. काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का काम भी बहुत जल्द पूरा होने वाला है. साथ ही साथ वाराणसी को देश के प्रमुख शहरों से जोड़ने के लिए एयर, रेलवे और रोड कनेक्टिविटी पर भी बहुत ध्यान दिया जा रहा है. इसी क्रम में दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन परियोजना भी रफ्तार पकड़ रही है. नोएडा में जल्द शुरू होगा भूमि अधिग्रहण इस परियोजना को लेकर गौतमबुद्ध नगर में शुक्रवार को जिला प्रशासन और नैशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों की बैठक हुई. बुलेट ट्रेन से सिर्फ 4 घंटे में वाराणसी से दिल्ली पहुंचा जा सकेगा. एडीएम दिवाकर सिंह ने बताया कि दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए 160.81 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होगी और इसमें मात्र 60.19 हेक्टेयर जमीन किसानों से ली जाएगी. बाकी जमीन सरकारी होगी. किसानों से उनकी जमीन सहमति के आधार पर ली जाएगी.
Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

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