
दिल्ली में 6 आतंकियों की गिरफ्तारी से महाराष्ट्र में हलचल तेज, गृह मंत्री ने बुलाई अहम बैठक
Zee News
दिल्ली में आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद महाराष्ट्र में भी हलचल तेज हो गई है और राज्य के गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल (Dilip Walse-Patil) ने सुरक्षा हालात पर चर्चा के लिए एक अहम बैठक बुलाई है, जिसमें मुंबई के पुलिस कमिश्नर, महाराष्ट्र के डीजीपी और महाराष्ट्र एटीएस चीफ शामिल होंगे.
मुंबई: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 6 आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद अब महाराष्ट्र में भी हलचल तेज हो गई है और राज्य के गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल (Dilip Walse-Patil) ने दोपहर 12 बजे एक अहम बैठक बुलाई है. इस बैठक में मुंबई के पुलिस कमिश्नर, महाराष्ट्र के डीजीपी और महाराष्ट्र एटीएस चीफ शामिल होंगे.
महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल (Dilip Walse-Patil) की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में आतंकियों पर दिल्ली पुलिस (Delhi Police) के खुलासे और मुंबई के सुरक्षा हालात पर चर्चा हो सकती है. इसके अलावा उत्तर प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं. यूपी के डीजीपी मुकुल गोयल ने प्रयागराज में बैठक की और सुरक्षा व्यवस्था पर निर्देश दिए.

Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.









