
दिल्ली में होगी Indian Army के टॉप कमांडर्स की मीटिंग, सरहदों की सुरक्षा को लेकर होगी चर्चा
Zee News
पाकिस्तान (Pakistan) कश्मीर में नए सिरे से आतंकवाद पनपाने की कोशिश कर रहा है. सेना कमांडरों की इस ऑपरेशनल रिव्यू मीटिंग में इस मसले पर भी चर्चा होगी.
नई दिल्ली: आने वाले 2 दिन तक भारतीय सेना (Indian Army) के सभी टॉप कमांडर्स दिल्ली में सरहदों से लेकर हर तरह की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे. सेना कमांडरों की इस ऑपरेशनल रिव्यू मीटिंग में सेनाध्यक्ष और उप सेनाध्यक्ष भी मौजूद रहेंगे. ये समीक्षा बैठक उस समय हो रही है जब भारत-चीन (India VS China) की सेनाएं पिछले साल भर से ज्यादा समय से आमने-सामने हैं और पाकिस्तान (Pakistan) की तरफ से कई महीने बाद फायरिंग की घटनाएं दोबारा होने लगी हैं. 17 और 18 जून को दिल्ली में सेना मुख्यालय में होने वाली इस ऑपरेशनल रिव्यू मीटिंग में भारतीय सेना (Indian Army) की सभी 6 ऑपरेशनल कमानों के कमांडर हिस्सा लेंगे. इसके अलावा इस मीटिंग में डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशंस और डायरेक्टर जनरल मिलिट्री इंटेलिजेंस भी शामिल होंगे. भारतीय सेना पिछले एक साल कई चुनौतियों का सामना कर रही है. 5 मई 2020 से पूर्वी लद्दाख में भारतीय और चीनी सेनाएं आमने-सामने आ गईं और पांच दशक बाद दोनों सेनाओं के बीच संघर्ष में दोनों ही ओर से सैनिकों की जान गई. इसके बाद पूरी सर्दियां भारतीय सेना ने पहली बार बिना किसी इंफ्रास्ट्रक्चर के पूर्वी लद्दाख के 15 हजार फीट से ज्यादा ऊंचाई के इलाकों में काटीं.
Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.

Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.










