
दलीप ट्रॉफी की पिचों पर उठे सवाल... बल्लेबाजों की चांदी, गेंदबाज परेशान, क्या ऐसे होगी टेस्ट मैचों की तैयारी?
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सपाट पिचों पर घरेलू क्रिकेट खेलकर भारतीय खिलाड़ी शायद ही टेस्ट मैचों के लिए तैयार हो पाएं. दलीप ट्रॉफी मुकाबलों में बल्लेबाजों ने धूम मचाई है, जबकि गेंदबाजों को विकेट लेने के लिए संघर्ष करना पड़ा है.
बेंगलुरु में खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी 2025-26 के साथ ही भारतीय क्रिकेट के घरेलू सीजन की शुरुआत हो चुकी है. दलीप ट्रॉफी भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) का एक बड़ा टूर्नामेंट हैं, लेकिन इसके क्वार्टर फाइनल मुकाबलों का लाइव टेलीकास्ट नहीं हुआ है, जिसे लेकर फैन्स में काफी नाराजगी देखने को मिली.
इसके अलावा दलीप ट्रॉफी में एक और बड़ी समस्या दिखी है. दलीप ट्रॉफी के दोनों क्वार्टर फाइनल में इस्तेमाल की गई पिचों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं. दलीप ट्रॉफी में खूब रन बरसे हैं, लेकिन विकेट्स लेने के लिए गेंदबाजों को मेहनत करनी पड़ी है.
पहला क्वार्टर फाइनल नॉर्थ जोन बनाम ईस्ट जोन के बीच बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सीईजी ग्राउंड पर खेला गया है. वहीं सेंट्रल जोन और ईस्ट जोन के बीच दूसरा क्वार्टर फाइनल बीसीसीआई सीईजी ग्राउंड बी पर आयोजित हुआ है. इन दोनों मुकाबलों में बल्लेबाजों का जलवा देखने को मिला है.
दलीप ट्रॉफी में खेल रहे स्टार खिलाड़ी सेंट्रल जोन और नॉर्थ ईस्ट जोन के बीच मुकाबले में पहले तीन दिन के खेल में 1048 रन बने. सेंट्रल जोन ने अपनी पहली पारी में 532 रन बनाए. फिर उसने नॉर्थ ईस्ट जोन की पहली इनिंग्स 185 रनों पर समेट दी. इसके बाद सेंट्रल जोन ने अपनी दूसरी पारी 331/7 के स्कोर पर घोषित की. सेंट्रल जोन मजबूत टीम है, ऐसे में पहले से ही अनुमान लगाया जा रहा था कि वे विपक्षी टीम पर भारी पड़ेंगे.
मगर नॉर्थ जोन और ईस्ट जोन के बीच के मुकाबले में जो कुछ हुआ, वो असली चिंता की वजह रही. दोनों टीमों में भारत के लिए खेलने वाले खिलाड़ी शामिल हैं, ऐसे में मुकाबले के कांटेदार होने की उम्मीद की जा रही थी. नॉर्थ जोन की टीम में अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा जैसे स्टार खिलाड़ी हैं. वहीं रियान पराग, मोहम्मद शमी और मुकेश कुमार ईस्ट जोन का हिस्सा हैं. लेकिन इस मैच में 3 दिन के खेल में कुल 1023 रन बने और सिर्फ 22 विकेट गिरे.
तीसरे दिन के खेल में तो 388 रन बने, जबकि 2 विकेट गिरे. इस दौरान रन गति भी 4.31 रन प्रति ओवर रही. भारत में आमतौर पर जैसे-जैसे मुकाबला बीतता है, पिच टूटने लगती है या गेंद नीची रहने लगती है या रिवर्स स्विंग मिलती है. साथ ही स्पिनर्स को मदद मिलना तो आम बात है. लेकिन इस मैच में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ. गेंदबाजों को बिल्कुल मदद नहीं मिली है. नॉर्थ जोन ने अपनी पहली पारी में 405 रन बनाए. जवाब में ईस्ट जोन की पहली पारी 230 रन पर सिमटी. फिर दूसरी पारी में नॉर्थ जोन के बल्लेबाजों ने और कमाल का खेल दिखाया और 4 विकेट पर 658 रन बना डाले.













