
तेंदुए के हमले नहीं, Snake Bites से हुई ज्यादा मौतें… पढ़िए चौंकाने वाली रिपोर्ट
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इन दिनों उत्तराखंड में जंगली जानवरों के इंसानी क्षेत्रों में बढ़ते हमलों को लेकर एक बार फिर मानव वन्यजीव संघर्ष को लेकर बहस छिड़ गई है. मगर, आंकड़ों की मानें तो सबसे ज्यादा मौतें सांपों के काटने के कारण हुई हैं. मानव वन्यजीव संघर्ष को लेकर जारी की गई यह रिपोर्ट चौंकाने वाली है.
हाल ही में देहरादून में दो हमलों के बाद से ही गुलदार की तलाश में वन विभाग ने कैनाल रोड और आस-पास के क्षेत्र में गहन सर्च ऑपरेशन चलाया. वन विभाग के अनुसार, आठ घंटे तक डीएफओ से लेकर फॉरेस्ट गार्ड तक 40 से ज्यादा वनकर्मियों ने 30 हेक्टेयर से ज्यादा जंगल खंगाला. मगर, गुलदार का कहीं पता नहीं चला. एक तरफ वन विभाग के इन चर्चाओं से पसीने छूट रहे हैं.
वहीं, दूसरी तरफ वन विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे ज्यादा इंसानी मौतों का कारण गुलदार और हाथियों के हमले नहीं हैं. सांपों के काटने की वजह से इंसानों की मौतों का आंकड़ा ज्यादा है. हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक साल 2023 में सांपों के काटने से होने वाली इंसानी मौतों के आंकड़े गिरे हैं.
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जानिए साल दर साल कितनी हुई उत्तराखंड में मौतें
पिछले तीन साल की वन्यजीव मानव संघर्ष रिपोर्ट बताती है कि सांप के काटने से 85 मौतें हुई. वहीं, गुलदार के हमलों में 63 मौतें, बाघ के हमलों में 35, हाथी के हमले से 27 मौतें हुई हैं. इसके अलावा भालू के हमलों से 3 मौतें हुई हैं. सबसे ज्यादा 369 लोग सांप के काटने से घायल हुए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 में 66 लोगों ने जंगली जानवरों के हमलों में अपनी जान गंवाई और 317 घायल हुए हैं. साल 2022 में 82 लोग मारे गए और 325 घायल हुए. साल 2021 में 71 मौतें हुई थीं और 361 घायल हुए थे.
2023 में हुईं कम मौतें- चीफ वाइल्ड लाइफ ऑफिसर

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