
तालिबान पर अफगानिस्तान ने पाकिस्तान को जमकर लगाई झाड़
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तालिबान के मसले पर अफगानिस्तान और पाकिस्तान आमने-सामने आ गए हैं. अफगानिस्तान ने कहा है कि पाकिस्तान ने आतंकी गुटों के साथ अपने संबंध नहीं तोड़े हैं.
तालिबान के मसले पर अफगानिस्तान और पाकिस्तान आमने-सामने आ गए हैं. अफगानिस्तान ने कहा है कि पाकिस्तान ने आतंकी गुटों के साथ अपने संबंध नहीं तोड़े हैं. अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने शुक्रवार को उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में आयोजित सेंट्रल एंड साउथ दक्षिण एशिया कनेक्टिविटी कॉन्फ्रेंस में मंच पर कुछ फुट की दूरी पर बैठे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान पर निशाना साधते हुए पड़ोसी मुल्क पर ये आरोप लगाए. इससे नाराज इमरान खान ने कहा कि अशरफ गनी के आरोप अनुचित हैं. तालिबान को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में आयोजित होने वाले 'अफगान पीस कॉन्फ्रेंस' को रद्द कर दिया. (फोटो-AP) द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक अपने तल्ख भाषण में अशरफ गनी ने कहा कि खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक पिछले महीने 10,000 से अधिक 'जिहादी' लड़ाके अफगानिस्तान में एंट्री कर चुके हैं. जबकि पाकिस्तान सरकार तालिबान को शांति वार्ता में हिस्सा लेने के लिए मनाने में विफल रही है. (फोटो-AP)
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दावोस शिखर सम्मेलन में मंगलवार को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसके संकेत दिए. उन्होंने दावोस शिखर सम्मेलन में कहा कि कुछ लोग इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहते हैं, ऐसा समझौता जो 2 अरब लोगों का बाजार बनाएगा और वैश्विक GDP के करीब एक-चौथाई का प्रतिनिधित्व करेगा.

मिडिल ईस्ट क्षेत्र में अमेरिकी फौजी जमावड़े ने स्थिति को काफी संवेदनशील बना दिया है. एयरक्राफ्ट कैरियर, फाइटर जेट्स और मिसाइल डिफेंस सिस्टम अलर्ट मोड पर हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर दावा किया गया है कि चीन ने ईरान को अब तक की सबसे बड़ी सैन्य मदद भेजी है, जिसमें 56 घंटे के भीतर चीन के 16 जहाज ईरान पहुंचे. हालांकि इस सूचना की पुष्टि नहीं हुई है.

ईरान की राजधानी तेहरान में होने वाले विरोध प्रदर्शनों ने हालात को काफी गंभीर बना दिया है. जनता और सत्ता पक्ष के बीच भारी तनाव है जबकि अमेरिका भी लगातार दबाव बढ़ा रहा है. ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति पर तगड़ा हमला किया है. वहीं, अरब सागर की ओर अमेरिकी युद्धपोत की मौजूदगी से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है.

मिडिल ईस्ट में अमेरिका के बढ़ते सैन्य दबाव के बीच सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि चीन ने ईरान को अब तक का सबसे बड़ा मिलिट्री एयरलिफ्ट भेजा है. 56 घंटों के भीतर चीन के 16 Y-20 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान ईरान पहुंचे. इसके अलावा HQ-9B एयर डिफेंस मिसाइल प्रणाली मिलने की भी चर्चा है जो लंबी दूरी तक दुश्मन के फाइटर जेट्स और मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम मानी जाती है. ऐसे में क्या क्या खुलकर ईरान के समर्थन में उतर गया बीजिंग?

स्विट्ज़रलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से पहले पाकिस्तान पर दबाव और विरोध का स्तर बढ़ गया है. पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट (PTM) और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने स्थानीय सड़कों पर पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाए, जिनमें पाकिस्तानी सेना और प्रधानमंत्री पर गंभीर आरोप लगे. वे आरोप लगाते हैं कि सेना जबरन गायब करने, फर्जी मुठभेड़ों में हत्याओं और खनिज संसाधनों की लूट में शामिल है.








