
'तानाशाही को जड़ से उखाड़ो...', नेतन्याहू की ईरानी जनता से अपील, भड़के खामेनेई बोले- आपके लिए जहन्नुम तैयार है!
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ईरान पर इन हमलों के बीच इजरायली पीएम नेतन्याहू ने सीधे ईरान की जनता को संबोधित कर उन्हें मौजूदा शासन के खिलाफ खड़े होने की बात कही. नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल की लड़ाई ईरान की जनता के खिलाफ नहीं है बल्कि ईरान की तथाकथित सरकार के खिलाफ है, जो पूरी तरह से तानाशाही है.
मिडिल ईस्ट एक और युद्ध की दहलीज पर आकर खड़ा हो गया है. 13 जून को ईरान पर इजरायल के हमले ने इसके संकेत दे दिए हैं. ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों पर इजरायल ने ताबड़तोड़ एयरस्ट्राइक की है. ईरान ने भी जवाब में इजरायल के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया. इन सबके बीच इजरायली पीएम नेतन्याहू ने ईरान के लोगों से खामेनेई के शासन को उखाड़ फेंकने की बात कही है, जिसमें खामेनेई आगबबूला हो गए हैं.
ईरान पर इन हमलों के बीच इजरायली पीएम नेतन्याहू ने सीधे ईरान की जनता को संबोधित कर उन्हें मौजूदा शासन के खिलाफ खड़े होने की बात कही. नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल की लड़ाई ईरान की जनता के खिलाफ नहीं है बल्कि ईरान की तथाकथित सरकार के खिलाफ है, जो पूरी तरह से तानाशाही है.
नेतन्याहू ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान में इजरायल का यह मिलिट्री ऑपरेशन आपकी आजादी के रास्ते को साफ करेगा. यह समय बुराई और दमनकारी शासन के खिलाफ ईरान के लोगों के एकजुट खड़े होने का है. ईरानी सरकार जिसने आपका 50 साल तक उत्पीड़न किया है, उसी ने आपके मुल्क को तबाह कर दिया है.
नेतन्याहू ने कहा कि हमारी जंग ईरान की उस तानाशाही के खिलाफ है, जिसने 46 सालों से लोगों को दबाया है. उन्होंने ईरान की जनता से एक नई क्रांति का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि इजरायल के ऑपरेशन का उद्देश्य इसी ईरानी सरकार के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम को जड़ से उखाड़ फेंकना है. जैसे ही हमारा उद्देश्य पूरा हो जाएगा. आपकी आजादी का रास्ता भी साफ हो जाएगा.
वहीं, नेतन्याहू के इस बयान से बौखलाए ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई ने कहा कि इजरायल ने युद्ध की शुरुआत कर दी है. अब इजरायल इस जंग से बाहर नहीं निकल सकता.
उन्होंने कहा कि इजरायल को यह नहीं सोचना चाहिए कि हमले के बाद यह खत्म हो गया है. उन्होंने (इजरायल) इसे शुरू किया है. उनका ये हमला युद्ध की शुरुआत है. हम उनके द्वारा किए गए इस अपराध से उन्हें बचकर नहीं जाने देंगे. इस अपराध के साथ इजरायल ने खुद को दर्दनाक भाग्य के लिए तैयार कर लिया है और उसे निश्चित रूप से इसका सामना करना पड़ेगा.

ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले को लेकर मचे घमासान के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कल मीडिया के सामने आकर युद्ध को लेकर कई बड़ी बातें कहीं नेतन्याहू ने ईरान के साथ संघर्ष में अमेरिका को घसीटने की फर्जी खबरों का खंडन किया. कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति हमेशा वही निर्णय लेते हैं जो उन्हें अमेरिका के हित में लगता है. उन्होंने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के दौरान इजरायल और अमेरिका के तालमेल की भी प्रशंसा की.

जिस ईरान को बर्बाद करने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप निकले थे. अब लगता है कि उनका पैर उसी ईरान के 'तेल' पर फिसल गया है. और इसलिए वो एक बार फिर पूरी दुनिया को 'चौंकाने' वाला फैसला ले सकते हैं. और ये फैसला ईरान के तेल की Sale से जुड़ा है. ईरान को पूरी तरह से अलग-थलग करने और हर चीज के लिए 'मोहताज' बनाने की कोशिश करने वाले ट्रंप अब खुद ईरान के तेल से प्रतिबंध हटा सकते हैं. और तेल की Sale करने की अनुमति दे सकते हैं? अब सवाल ये है कि जब ट्रंप खुद ईरान के तेल की बिक्री के लिए तैयार हैं, तो वो ईरान से युद्ध क्यों लड़ रहे हैं? क्या वाकई ईरान ने ट्रंप को ऐसा करने के लिए मजबूर कर दिया है, या ट्रंप अपने ही फैसलों की फांस में फंस चुके हैं?











