
ट्रंप ने ईरान-अमेरिका की बातचीत में शामिल होने के लिए पाकिस्तान को क्यों भेजा न्योता
BBC
एक्सपर्ट कह रहे हैं कि इन वार्ताओं में पाकिस्तान को बुलाया जाना उसके महत्व की ओर इशारा करता है. उनके मुताबिक़ पाकिस्तान की अहमियत का अमेरिका को भी अंदाज़ा है.
ईरान और अमेरिका के बीच न्यूक्लियर डील पर बातचीत शुरू हो चुकी है. ये बातचीत ओमान में हो रही है.
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई को कड़ी चेतावनी दी थी.
तब लग रहा था कि ये बातचीत ख़तरे में पड़ गई है. क्योंकि दोनों देशों के बीच स्थान और बातचीत की शर्तों को लेकर मतभेद थे.
इस बीच, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि उसे ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु बातचीत में शामिल होने का बुलावा मिला है. उसने इस न्योते को मंजूर कर लिया है.
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पिछले दिनों ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने कहा था कि ईरान और अमेरिका के बीच 'अगले कुछ दिनों में' बातचीत होगी. ओमान, तुर्की और दूसरे देशों ने वार्ता की मेज़बानी करने में दिलचस्पी दिखाई है. इसके लिए जल्द ही कोई एक जगह तय कर ली जाएगी."
अमेरिकी समाचार वेबसाइट 'एक्सियोस' ने एक अरब सूत्र के हवाले से कहा है कि ट्रंप प्रशासन ने वार्ता तुर्की की बजाय ओमान में आयोजित करने के ईरानी अनुरोध को मान लिया.













