
दो जहाज़ कौन से हैं जो होर्मुज़ स्ट्रेट पार कर भारत आ रहे हैं, एलपीजी और पीएनजी पर सरकार ने दी अहम जानकारी
BBC
मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष की वजह से कई देशों के जहाज़ इलाक़े में फंसे हुए हैं. ख़ासकर होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर ईरान की चेतावनी ने कच्चे तेल और गैस के संकट को गहरा कर दिया है. भारत में भी इस स्थिति का असर कई इलाक़ों में देखा जा रहा है.
ईरान पर अमेरिका और इसराइल के हमलों के बाद मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच भारत के दो जहाज़ होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़रने में कामयाब रहे हैं.
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शनिवार को इसकी जानकारी दी है.
रणधीर जायसवाल ने कहा, "भारत आने वाले कुछ जहाज़ होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़रने में कामयाब रहे हैं. दो भारतीय जहाज़, शिवालिक और नंदा देवी, होर्मुज़ स्ट्रेट को पार कर चुके हैं और अब भारत के बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं."
उन्होंने बताया कि इन जहाज़ों में से हर एक में 46 हज़ार मीट्रिक टन से ज़्यादा एलपीजी लदी है. यानी इनमें कुल क़रीब 93 हज़ार मीट्रिक टन एलपीजी है.
रणधीर जायसवाल ने यह जानकारी पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर इंटरमिनिस्ट्रियल प्रेस ब्रीफ़िंग के दौरान दी, जिसमें विदेश मंत्रालय, पेट्रोलियम मंत्रालय और शिपिंग मिनिस्ट्री के अधिकारी मौजूद थे.
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विदेश मंत्रालय के एडिशन सेक्रेटरी (गल्फ) असीम महाजन ने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की वजह से भारत के पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक भारतीय घायल भी हुआ है.

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