
ईरान युद्ध: गैस फ़ील्ड पर हमले के बाद क़तर के बड़े पेट्रोलियम प्लांट पर ईरान का जवाबी हमला
BBC
साउथ पार्स के अपने गैस फ़ील्ड पर हमले के बाद ईरान ने क़तर के सबसे बड़े एनर्जी प्लांट को निशाना बनाया है. क़तर ने कहा कि ईरान ने 'सारी हदें पार' कर दी हैं.
दुनिया के सबसे बड़े नेचुरल गैस फ़ील्ड से जुड़े ईरान के साउथ पार्स पर इसराइली हमले के बाद ईरान ने क़तर के रास लाफ़ान औद्योगिक क्षेत्र पर हमला किया जिसमें क़तर को काफ़ी नुकसान पहुंचा है.
क़तर की सरकारी पेट्रोलियम कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा कि बुधवार मिसाइल हमले से उसके मुख्य गैस प्लांट में आग लग गई, जिससे भारी नुकसान हुआ. इसके बाद क़तर ने ईरान के दो राजनयिकों को निष्कासित कर दिया.
साउथ पार्स पर हमले के बाद ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अन्य ऊर्जा ठिकानों पर आगे और विनाशकारी हमलों की धमकी दी और कहा कि ऊर्जा क्षेत्र पर किसी भी हमले का वह कड़ा जवाब देगा.
रॉयटर्स के मुताबिक़, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने ईरानी मीडिया में जारी बयान में कहा, "हम आपको एक बार फिर चेतावनी देते हैं कि आपने इस्लामी गणराज्य के ऊर्जा ढांचे पर हमला करके बड़ी ग़लती की है. अगर इसे दोहराया गया, तो आपके और आपके सहयोगियों के ऊर्जा ढांचे पर हमले तब तक नहीं रुकेंगे जब तक उसे पूरी तरह नष्ट नहीं कर दिया जाता."
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रायटर्स के अनुसार, साउथ पार्स हमले पर इसराइली सेना ने कोई टिप्पणी नहीं की, जबकि अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि वॉशिंगटन को इसकी जानकारी थी लेकिन वह इसमें शामिल नहीं था.
सऊदी अरब ने भी कहा कि उसने पूर्वी इलाके में ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाकर भेजे गए ड्रोन को मार गिराया. वहीं, एक बैलिस्टिक मिसाइल का मलबा रियाद के दक्षिण में एक रिफ़ाइनरी के पास गिरा.













