
ईरान जंग से कौन, क्या हासिल करना चाहता है?
BBC
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के युद्ध के मकसद अब तक पूरी तरह साफ़ नहीं हैं. ईरान चाहता है कि यह युद्ध जितनी जल्दी हो सके ख़त्म हो जाए लेकिन इसराइल को युद्ध खत्म करने की जल्दी कम दिखती है. और खाड़ी देश, वह क्या चाहते हैं?
ज़्यादातर लोग, हालांकि सभी नहीं, चाहते हैं कि यह युद्ध जितनी जल्दी हो सके ख़त्म हो जाए.
लेकिन सवाल यह है कि किन शर्तों पर?
यहीं से अलग‑अलग पक्षों की राय अलग-अलग बंट जाती है.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के युद्ध का मकसद अब तक पूरी तरह साफ़ नहीं है. कभी ऐसा लगता है कि उनका लक्ष्य सिर्फ़ ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करना है, तो कभी वह अमेरिका और इसराइल की सभी मांगों के आगे ईरान के पूरी तरह झुक जाने की बात करते दिखते हैं, और कभी‑कभी संकेत मिलते हैं कि वह इस्लामिक रिपब्लिक की पूरी व्यवस्था के ढह जाने तक की उम्मीद रखते हैं.
अब तक न तो ईरान ने आत्मसमर्पण किया है और न ही उसकी सत्ता व्यवस्था ढही है. लेकिन 16 दिनों तक चली लगातार और बेहद सटीक बमबारी ने उसकी सैन्य ताकत को गंभीर रूप से कमज़ोर कर दिया है.
फरवरी में जिनेवा में ओमान की मध्यस्थता से अमेरिका और ईरान के बीच जो अप्रत्यक्ष बातचीत हुई थी, उसमें परमाणु मुद्दे पर कुछ प्रगति भी देखने को मिली थी. ओमान के अधिकारियों का कहना है कि ईरान बड़े समझौते करने के लिए तैयार था, जिससे यह भरोसा मिलता कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश नहीं कर रहा है.













