
टी-20 वर्ल्ड कप 2026 को सिर्फ़ दिग्गज टीमों के मैचों के लिए ही नहीं किया जाएगा याद
BBC
टी-20 वर्ल्ड कप में जिस बात ने सबका ध्यान खींचा, वो थे एसोसिएट देश. जिन्होंने भारत, दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और न्यूज़ीलैंड जैसी दिग्गज टीमों की मौजूदगी के बावजूद बड़े मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई.
आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में रोमांच और उलटफेर की कोई कमी नहीं रही.
चाहे ऑस्ट्रेलिया का ग्रुप स्टेज से ही बाहर होना हो, या पाकिस्तान का वर्ल्ड कप के बायकॉट को लेकर विवाद, या न्यूज़ीलैंड का ख़िताब के प्रबल दावेदार दक्षिण अफ्रीका को सेमीफाइनल में मात देना, फैंस कई रोमांचक और दिल को छू लेने वाले पलों के गवाह बने.
लेकिन इन सबके इतर जिस बात ने सबका ध्यान खींचा, वो थे एसोसिएट देश. जिन्होंने भारत, दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड जैसी दिग्गज टीमों की मौजूदगी के बावजूद बड़े मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई.
क्रिकेट इतिहास में एसोसिएट देशों की उपस्थिति पर अक्सर मिक्स्ड रिएक्शन देखने को मिलते हैं. क्या वे केवल संख्या बढ़ाने के लिए हैं, या वे वास्तव में इस टूर्नामेंट का हिस्सा हैं? यह बहस लगभग हर वर्ल्ड कप में देखने को मिलती है.
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अगर भारत और श्रीलंका में हुए टी-20 वर्ल्ड कप को देखें तो, आठ एसोसिएट देशों ने सिर्फ इसमें हिस्सा ही नहीं लिया बल्कि एक अलग छाप भी छोड़ी.
अमेरिका के भारत को हार के कगार पर धकेलने से लेकर, फहीम अशरफ की पारी से पहले नीदरलैंड्स के पाकिस्तान को संकट में डालने तक.













