
'जो राम को लाए हैं...' गाने वाले कन्हैया मित्तल का कांग्रेस में जाने से इनकार, बोले- सनातनी का भरोसा...
AajTak
कन्हैया मित्तल ने अब यूटर्न लेते हुए कांग्रेस में जाने से इनकार कर दिया है. प्रशंसकों की आलोचनाओं के बाद उन्होंने के फैसला किया है. इसको लेकर मित्तल ने बकायदा सोशल मीडिया हैंडल पर वीडियो शेयर करते हुए अपने प्रशंसकों से माफी भी मांगी है और कहा है कि वह सनातनियों की सुनेंगे और सनातनियों को चुनेंगे.
यूपी चुनाव के दौरान 'जो राम को लाए हैं' गाने से प्रसिद्धि पाने वाले भजन गायक कन्हैया मित्तल ने अब यूटर्न लेते हुए कांग्रेस में जाने से इनकार कर दिया है. प्रशंसकों की आलोचनाओं के बाद उन्होंने के फैसला किया है. इसको लेकर मित्तल ने बकायदा सोशल मीडिया हैंडल पर वीडियो शेयर करते हुए अपने प्रशंसकों से माफी भी मांगी है और कहा है कि वह सनातनियों की सुनेंगे और सनातनियों को चुनेंगे.
दरअसल, ऐसी चर्चाएं थीं कि आगामी हरियाणा चुनाव के लिए कन्हैया मित्तल पंचकूला सीट से बीजेपी से टिकट चाह रहे थे लेकिन बीजेपी ने यहां से पुराने नेता ज्ञानचंद को फिर से मैदान में उतारा है. इसके बाद मित्तल ने कांग्रेस में शामिल होने का फैसला किया था. उन्होंने आजतक से बात करते हुए कहा था कि वह जल्द ही कांग्रेस में शामिल हो जाएंगे.
सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए कन्हैया मित्तल ने कहा, "दो दिन से मैं ये देख रहा हूं कि आप सब परेशान हैं, उसके लिए मैं क्षमा चाहता हूं. और जो मेरे मन की बात मैंने कही थी कि मैं कांग्रेस जॉइन करने वाला हूं, उसे वापस लेता हूं क्योंकि मैं नहीं चाहता किसी सनातनी का भरोसा टूटे. आज मैं टूटूंगा तो पता नहीं कितने और टूटेंगे. हम सब मिलकर राम के थे, राम के हैं और राम के रहेंगे. पुन: आप सब क्षमाप्रार्थी हूं."
बीजेपी को लेकर दिया था ये बयान
बता दें कि अपने कांग्रेस में शामिल होने के फैसले को लेकर आजतक से बात करते हुए कन्हैया मित्तल ने कहा था कि मैंने योगी आदित्यनाथ जी के लिए गाना गाया है, बीजेपी के लिए नहीं. मैं चाहता हूं कि पूरे देश में यह संदेश जाए कि बीजेपी अकेली पार्टी नहीं है जो सनातन की बात करती है. उन्होंने बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट के कांग्रेस में शामिल होने पर खुशी जताई थी और कहा था, 'बहुत बहुत बधाई मेरे भाई और बहन को.
5 अक्टूबर को होना है हरियाणा में चुनाव

युद्ध को लेकर आखिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते क्या हैं, उनकी रणनीति क्या है? दुनिया के मन में ऐसे कई सवाल उठ रहे हैं. एक ओर ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन और अच्छी बातचीत होने और होर्मुज पर गिफ्ट मिलने की बात की है. पाकिस्तान के जरिये ईरान को 15 सूत्री प्रपोजल भेजे जाने का भी दावा है. तो दूसरी ओर पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती बढ़ रही है. अमेरिका के 1000 अतिरिक्त हवाई सैनिक वहां भेजे जाने की रिपोर्ट्स हैं. पिछले हफ्ते 3 युद्धपोतों के साथ अतिरिक्त नौसैनिकों के रवाना होने की खबर आई थी. अमेरिकी कैंप से आ रहे विरोधाभाषी दावों के बीच ईरान के तेवर कड़े हैं. ईरान बातचीत से इनकार कर रहा है.

Indore Viral Video Truth: इंदौर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाहों के बीच 149 रुपये लीटर पेट्रोल बिकने के एक वीडियो ने आग में घी डालने का काम किया. सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो ने न केवल जनता को डराया, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए. हालांकि, जब जांच हुई तो कहानी के पीछे का तकनीकी सच कुछ और ही निकला.

आज का दंगल ईरान युद्ध को लेकर भारत में चल रही तैयारी पर है. ईरान जंग के हालात को देखते हुए सरकार ने दिल्ली में बड़ी बैठक बुलाई है. पार्लियामेंट हाउस में ये बैठक थोड़ी देर में शुरू होने वाली है जिसमें सभी दलों के 2-2 प्रतिनिधियों को बुलाया गया है. ये बैठक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हो रही है जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू और ऊर्वरक मंत्री जेपी नड्डा समेत विदेश सचिव भी शामिल रहेंगे.

ईरान ने बहुत बड़ा दावा किया है ईरान का कहना है कि उसने अमेरिकी नौसेना ने यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत पर हमला किया है ईरान ने अमेरिका के इस एयर क्राफ्ट कैरियर पर क्रूज मिसाइल हमले का दावा किया है. अमेरिका की तरफ से इस हमले पर अभी तक कुछ नहीं कहा गया है. USS अब्राहम लिंकन परमाणु इंजन से चलने वाले निमित्ज श्रेणी का विमानवाहक पोत है. विमानवाहक पोत होने का मतलब एक ऐसे जंगी जहाज होने से है जिसपर फाइटर जेट उतर सकते हैं, यहां डेरा डाल सकते हैं और यहां से उड़ान भर सकते हैं.

मेट्रो की छत फाड़कर नीचे निकला बोरवेल... 100 फीट नीचे बनी सुरंग में हुआ 6 इंच का छेद, ठेकेदार पर केस
पुणे के शिवाजी रोड इलाके में एक निजी बोरवेल की खुदाई के दौरान पुणे मेट्रो की भूमिगत सुरंग में छेद होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. इस लापरवाही ने न केवल करोड़ों की मेट्रो परियोजना की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि एक बड़े हादसे को भी न्योता दे दिया था.








