
जहां पहले उठते थे सेना पर सवाल, अब वहीं कश्मीरी लड़कियां देशप्रेम में बना रही हैं तिरंगे
Zee News
हालिया दिनों कुनन-बबागुंड गांव में फौज की मदद से केंद्रीय मंत्रालय के जन शिक्षण संस्थान योजना के तहत एक टेलरिंग और कटाई सेंटर चलाया जा रहा है, जहां कुनन-पोशपोरा इलाके की लड़कियां काम सीख रही हैं.
श्रीनगर: पिछले ई सालों से जम्मू-कश्मीर के सियासी हालात में काफी तबदीलियां आई हैं. पहले जहां सेना पर सवाल उठाए जाते थे, आज वहीं कश्मीरी लड़कियां और महिलाएं सेना के लिए काबिले फख्र काम करती हुई नज़र आ रही हैं. श्रीनगर से 110 किलोमीटर दूर कुपवाड़ा जिले के उसी कुनन-पोशपोरा इलाके में महिलाएं भारतीय फौज और हुकूमती तफ्तरों के लिए बड़े पैमाने पर तिरंगा सिल रही हैं. हालिया दिनों कुनन-बबागुंड गांव में फौज की मदद से केंद्रीय मंत्रालय के जन शिक्षण संस्थान योजना के तहत एक टेलरिंग और कटाई सेंटर चलाया जा रहा है, जहां कुनन-पोशपोरा इलाके की लड़कियां काम सीख रही हैं और सेना और हुकूमत इदारों के लिए तिरंगे बना रही हैं. टेलरिंग और कटिंग सेंटर की ट्रेनर जमीला बेगम का कहना है कि इस सेंटर में कुनन-बबाकुंड और इसके आसपास के गांवों की लड़कियों को टेलरिंग, कटिंग और फैशन डिजाइनिंग का काम सिखाया जा रहा है.
Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

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