
जलभराव वाले इलाकों में तैनात होंगे नोडल अफसर, 24 घंटे चलेंगे पंप... मानसून की तैयारियों में जुटी दिल्ली सरकार
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मानसून से पहले दिल्ली के ड्रेनेज सिस्टम को चुस्त दुरुस्त करने की कवायद जारी है, सीवर की डिसिल्टिंग की जा रही है. अधिक जलभराव वाली जगहों पर हाई पावर के पंप लगाए जा रहे हैं और ऑपरेटरों की कमी पूरा करने के लिए नियुक्तियां की जा रही हैं.
दिल्ली के विभिन्न इलाकों में आगामी मानसून सीजन में जलभराव रोकने के लिए एक फूल प्रूफ योजना पर सरकार काम कर रही है. जिन-जिन जगहों पर जलभराव होता है, ऐसे पॉइंट्स की पहचान की गई है. इन जगहों के लिए अलग-अलग नोडल अफसरों की तैनाती की जाएगी. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को दिल्ली सचिवालय में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस मसले पर एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की.
इस बैठक में कैबिनेट मंत्री प्रवेश वर्मा, आशीष सूद, मुख्य सचिव धर्मेंद्र और पीडब्ल्यूडी, शहरी विकास, एमसीडी, एनडीएमसी, ट्रैफिक पुलिस, डीडीए, एनएचएआई, डीएमआरसी और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे. बैठक में जलभराव, यातायात समस्या, डार्क स्पॉट्स और नालों की सफाई पर विस्तार से चर्चा की गई. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मीटिंग में इस बात पर जोर दिया कि दिल्ली सरकार इन समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए तेजी से काम कर रही है ताकि नतीजे देखने को मिलें.
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जलभराव वाले प्रत्येक क्षेत्र में तैनात होंगे नोडल अधिकारी
संबंधित विभागों को जलभराव वाले प्रत्येक क्षेत्र में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति के निर्देश दिए गए हैं और यह साफ कर दिया गया है कि जलभराव की स्थिति में संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे. जलभराव वाली जगहों पर पंप ऑपरेटरों की 24 घंटे तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित विभाग को दिए गए हैं. भीड़भाड़ वाले 233 पॉइंट्स पर काम को समय पर पूरा करने के दिशानिर्देश जारी किए गए हैं, ताकि राष्ट्रीय राजधानी में ट्रैफिक जाम की समस्या से लोगों को मुक्ति मिले और यातायात सुचारू रूप से चल सके.
सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की निगरानी के लिए एक इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा. इसके अलावा एमसीडी और पीडब्ल्यूडी को रिंग रोड और अन्य सड़कों की सफाई के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं. सरकारी संपत्ति पर लगे सभी अवैध बैनरों और पोस्टरों को हटाने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं. सार्वजनिक संपत्तियों पर पोस्टर और बैनर चस्पा करने वालों के खिलाफ प्रॉपर्टी डिफेसमेंट अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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