
जंग का मैदान बनी PAK की राजधानी, गुलेल अटैक, कंटेनर्स की दीवार सब नाकाम... इस्लामाबाद पहुंचे इमरान समर्थक
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पाकिस्तानी रेंजर्स की गोली से इमरान खान की पार्टी पीटीआई के 3 कार्यकर्ताओं के मारे जाने की खबर है. इस बीच खबर यह भी आ रही है कि इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) दो धड़ों में बंट गई है. पाकिस्तानी मीडिया की मानें तो इमरान की तीसरी बेगम बुशरा बीबी ने पार्टी की कमान अपने हाथों में ले ली है.
पाकिस्तान की राजधानी इस वक्त जंग का मैदान बनी हुई है. एक तरफ इमरान खान के समर्थक हैं, तो दूसरी तरफ जनरल आसिम मुनीर की सेना. लड़ाई जोरों की चल रही है. इमरान समर्थक उन्हें रोकने के लिए सड़कों पर खड़ी की गईं कंटेनर की दीवारें हटाकर इस्लामाबाद में दाखिल हो चुके हैं और इस वक्त बेकाबू हैं. इस्लामाबाद छावनी में तब्दील है. दरअसल, इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर पीटीआई कार्यकर्ता और उनके समर्थक इस्लामाबाद तक प्रोटेस्ट मार्च निकाल रहे थे. सरकार ने उन्हें रास्ते में रोकने की कोशिश की, जिसके बाद इमरान समर्थक उग्र हो गए.
शहबाज सरकार का दावा है कि इमरान समर्थकों के हमले में पाकिस्तान रेंजर्स के तीन जवानों की मौत हो गई है. इस्लामाबाद प्रशासन के मुताबिक इमरान समर्थकों ने तीन पाकिस्तानी रेंजर्स को अपनी गाड़ियों से कुचलकर मार डाला. इस्लामाबाद के डी-चौक पर पुलिस और पीटीआई वर्कर्स के बीच हिंसक झड़पें हुईं. पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने इस्लामाबाद आईजी को आदेश दिया है कि हालात को चाहे जैसे भी हो, नियंत्रित किया जाए. उन्होंने पीटीआई वर्कर्स की ओर से हिंसा किए जाने पर खेद व्यक्त किया और कहा कि उनके हमले में चार सुरक्षाकर्मियों- पाकिस्तान रेंजर्स के तीन जवानों और एक पुलिसकर्मीकी जान चली गई.
Hello how are you? Welcome on the container. PTI protestors reached D Chowk in Islamabad. pic.twitter.com/exALg1uEV7
निर्दोष लोगों पर गोलीबारी न करे सरकार: PTI
पाकिस्तान इंटरनेशनल फोरम में अक्सर भारत पर कश्मीर में आम नागरिकों पर जुल्म ढाहने और उनके खिलाफ पैलेट गन के इस्तेमाल का झूठा आरोप लगा रहता है. लेकिन वही पाकिस्तान आज इस्लामाबाद में बेगुनाह लोगों पर पैलेट गन का इस्तेमाल कर रहा है. पैलेट गन से फायर करने पर एक साथ प्लास्टिक के कई छर्रे निकलते हैं. इससे जान तो नहीं जाती, लेकिन आंखें गंवाने का खतरा रहता है. पूरे पंजाब प्रांत में इंटरनेट सेवाएं निलंबित हैं. पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष बैरिस्टर गोहर अली खान ने सरकार से निर्दोष लोगों पर गोलीबारी से परहेज करने का आह्वान किया है.
इमरान की पार्टी पर बुशरा बीबी का कंट्रोल

जिस ईरान को बर्बाद करने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप निकले थे. अब लगता है कि उनका पैर उसी ईरान के 'तेल' पर फिसल गया है. और इसलिए वो एक बार फिर पूरी दुनिया को 'चौंकाने' वाला फैसला ले सकते हैं. और ये फैसला ईरान के तेल की Sale से जुड़ा है. ईरान को पूरी तरह से अलग-थलग करने और हर चीज के लिए 'मोहताज' बनाने की कोशिश करने वाले ट्रंप अब खुद ईरान के तेल से प्रतिबंध हटा सकते हैं. और तेल की Sale करने की अनुमति दे सकते हैं? अब सवाल ये है कि जब ट्रंप खुद ईरान के तेल की बिक्री के लिए तैयार हैं, तो वो ईरान से युद्ध क्यों लड़ रहे हैं? क्या वाकई ईरान ने ट्रंप को ऐसा करने के लिए मजबूर कर दिया है, या ट्रंप अपने ही फैसलों की फांस में फंस चुके हैं?

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने गुरुवार को कहा कि वैश्विक आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों को कम करने में मदद करने के लिए अमेरिका जल्द ही टैंकरों में फंसे ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंध हटा सकता है. बेसेंट ने कहा कि प्रतिबंधित ईरानी तेल के वैश्विक आपूर्ति में शामिल होने से अगले 10 से 14 दिनों तक तेल की कीमतें कम रखने में मदद मिलेगी.

ईरान से अमेरिका-इजरायल की लड़ाई की आंच आज और भड़क गई. अपने सबसे बड़े गैस फील्ड साउथ पार्स पर इजरायल के हमले के जवाब में ईरान ने बीती रात से खाड़ी देशों में कई अहम तेल और गैस के ठिकानों पर हमला किया है. इन हमलों का असर ये है कि आज भारत के समय से दोपहर 3 बजे तक ब्रेंट क्रूड ऑयल 118 डॉलर प्रति बैरल की सीमा को पार कर गया था. इसका असर शेयर बाजार से लेकर सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ा है. जहां शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट आयी वहीं सोने-चांदी की कीमतें भी टूट गईं. भारत के शेयर बाजार से आज 12 लाख करोड़ से अधिक की संपत्ति साफ हो गई है. सवाल ये है कि क्या पश्चिम एशिया में अब युद्ध का रुख पूरी दुनिया को चपेट में ले चुका है ? इस बीच पहली बार 12 मुस्लिम देशों के विदेश मंत्रियों ने खाड़ी देशों पर ईरान के हमले के खिलाफ बयान जारी किया है. तो उधर राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर कड़ा रुख बरकरार रखने के बावजूद ईरानी गैस फील्ड पर इजरायल के हमले से पल्ला झाड़ा है.

अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि आज ईरान पर अमेरिका अटैक का सबसे बड़ा पैकेज लॉन्च करने जा रहा है. जंग की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि हमारे उद्देश्य कभी बदले नहीं हैं और ये जंग राष्ट्रपति ट्रंप की इच्छानुसार खत्म होगा. आज ही ईरान ने अपने स्टैंड को बताते हुए कहा था कि अभी उसका बदला पूरा नहीं हुआ है.

ईरान और अमेरिका के बीच छिड़ी जंग अब अपने सबसे निर्णायक और संभवतः सबसे खौफनाक मोड़ पर पहुंच गई है. आज डोवर एयरफोर्स बेस पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन छह अमेरिकी नायकों को अंतिम विदाई दी, जिन्होंने एक विमान हादसे में अपनी जान गंवाई लेकिन इस शोक के बीच, वॉशिंगटन के गलियारों से एक ऐसी खबर आ रही है जो पूरी दुनिया को दहला सकती है. रॉयटर्स की एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन अब ईरान में 'बूट्स ऑन द ग्राउंड' यानी थल सेना उतारने पर बेहद गंभीरता से विचार कर रहा है.

मैं श्वेता सिंह सीधे युद्ध भूमि से आपको महायुद्ध के बीसवें दिन की खबर बता रही हूं. कल ईरान की गैस फील्ड पर इजरायल के हमले के बाद लगातार चार खाड़ी देश के ऑयल-गैस डिपो-रिफाइनरी पर बड़ा हमला ईरान ने कर दिया है. ईरान ने सऊदी अरामको और यूएई के टर्मिनल के अलावा कतर के सबसे बड़े गैस टू लिक्वड प्लांट रास लफान पर मिसाइल हमला कर दिया. कतर के इस प्लांट से दुनिया को 20 से 25 प्रतिशत गैस की सप्लाई होती है. वहीं सऊदी अरब के यनबू पोर्ट पर स्थित सैमरेफ ऑयल रिफाइनरी पर हवाई हमला हुआ है.







