
चीन में कोरोना की नई लहर और नया वैरिएंट मचा रहा कहर, अस्पतालों-श्मशानों में लाइनें... भारत में कितना खतरा?
AajTak
कोरोनावायरस नए-नए रूप बदलकर लगातार सामने आ रहा है. अब कोविड का नया वैरिएंट JN.1 दुनियाभर में तेजी से फैल रहा है जिसे लेकर चिंता बढ़ रही है. इसी बीच खबर आ रही है कि चीन में कोविड से मरने वालों की संख्या बहुत बढ़ गई है और कथित तौर पर वहां के श्मशान शवों से भर गए हैं.
कोविड का नया सब-वैरिएंट जेएन.1 पिछले महीने से दुनिया भर में फैल रहा है. नया वैरिएंट ब्रिटेन, चीन समेत कई देशों में कोविड का प्रमुख स्ट्रेन बन गया है और भारत में इसके बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है. जेएन.1 को लेकर भारत की चिंता इसलिए भी बढ़ रही है क्योंकि पड़ोसी चीन में इसने तबाही मचानी शुरू कर दी है.
ब्रिटिश अखबार डेली स्टार ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि कोविड के इस वैरिएंट के फैलने से चीन में बड़ी संख्या में लोग मारे जा रहे हैं. कथित तौर पर मरने वालों की संख्या इतनी अधिक है कि वहां के श्मशानों को 24 घंटे काम करना पड़ रहा है.
कोविड के इस नए वैरिएंट को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 'वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट' की श्रेणी में रखा है और कहा है, 'हाल के दिनों में हमने देखा है कि जेएन.1 के मामले कई देशों में रिपोर्ट किए गए हैं. यह दुनियाभर में तेजी से फैल रहा है. यह वैरिएंट ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट BA.2.86 से बना है. यह इतनी तेजी से बढ़ रहा है कि हम इसे एक नए वैरिएंट के रूप में वर्गीकृत करते हैं.'
मृतकों से भरे पड़े हैं चीन के सरकारी श्मशान
चीन के हेनान प्रांत के स्थानीय लोगों ने स्थानीय अखबारों से कोविड की स्थिति को लेकर बात की है. उन्होंने बताया है कि कोविड के कारण स्थिति कितनी खराब है. एक व्यक्ति ने दावा कि सरकारी श्मशानों में इतने अधिक मृतक लाए गए हैं कि भीड़ बढ़ गई है और श्मशानों में 24 घंटे शव जलाए जा रहे हैं.
मिस्टर झाउ नाम के एक शख्श ने कहा, 'फ्यूनरल होम में आठ श्मशान हैं. आठों श्मशानों में चौबीसों घंटे शव जलाए जा रहा है जो काफी डरावना है.'

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









